राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक विदेशी फुटबॉलर के साथ हुई अभद्रता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल, भाजपा की महिला पार्षद रेनू चौधरी ने हिंदी न बोलने पर नाइजीरियाई नागरिक के साथ कथित बदसलूकी की। अब इस मामले में विदेशी नागरिक का बयान भी सामने आया है।
ये है मामला
मयूर विहार फेज-एक स्थित निगम के लवली पार्क में विभिन्न सोसायटी में रहने वाले बच्चों को फुटबॉल सिखाने वाले नाइजीरियाई नागरिक के साथ कथित बदसलूकी की थी। भाजपा पार्षद रेनू चौधरी ने विदेशी नागरिक को चेतावनी दी है कि जिस देश का वह पैसा खा रहे हैं, मुंह से उस देश की मात्र भाषा बोलनी पड़ेगी। एक माह के अंदर विदेशी को हिंदी सीखनी होगी।
अगर वह हिंदी नहीं बोल पाए तो पार्षद ने निगम अधिकारियों से कहा है वह विदेशी नागरिक से पार्क छीन लें। पार्क में वह बच्चों को फुटबॉल सीखाने नहीं देंगी। इस कथित बदसलूकी के वीडियो को पार्षद रेनू चौधरी ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किया है। इसको लेकर वह लोगों के निशाने पर हैं। लोग पार्षद पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वह किसी को कोई भाषा सिखने के लिए मजबूर कैसे कर सकती हैं।
क्या बोले विदेशी फुटबॉलर?
इस घटना के बाद विदेशी फुटबॉलर ने अपने बयान में कहा कि हर सत्र में हमारे पास 40 से 45 छात्र होते हैं। उन्होंने कहा कि कोविड से पहले सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन महामारी के कारण अकादमी बंद हो गई। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र रूप से कोचिंग शुरू की, और वंचित बच्चों पर ध्यान केंद्रित किया। वे आगे बताते हैं कि 2022 में मैंने प्रतिभाशाली बच्चों को चुना और उन्हें जर्सी देकर प्रतियोगिता में भेजा।
विदेशी नागरिक ने घटना के बारे में बताया कि 13 दिसंबर को वे अपने दोस्तों के साथ पार्क में खेल रहे थे। तभी एक महिला आई और उसे सुनाने लगी। उसने पहले तो मजाक समझा लेकिन, महिला एक ही बात को बार-बार दोहराने लगी तो वह घटना से बुरी तरह डर गया। विदेशी नागरिक ने कहा कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो उसे जल्द ही यहां से छोड़कर जाना पड़ेगा।

