हर वर्ग और समाज को शिक्षा ही देश की प्रगति को ओर ले जा सकती है। ऐसी सोच रखने वाले लाइब्रेरी मेन के नाम पहचान रखने वाले रामवीर तंवर का शनिवार की देर रात करीब ढाई बजे ह्रदयगति रुकने से निधन हो गया। सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास पर उनका रविवार की शाम अंतिम संस्कार हुआ। इसमें हजारों की संख्या में शहर के लोग जुटे।
बता दें झुंडपुरा निवासी रामवीर तंबर मल्टी नेशनल कंपनी (एमएनसी) में नौकरी करने थे। वर्ष 2016 में उन्होंने सबसे पहले अपने गांव झुंडपुरा में निश्शुल्क लाइब्रेरी बनाई। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग गांव में 100 लाइब्रेरी खोलने का लक्ष्य बनाया। यह लक्ष्य उन्होंने एक वर्ष में पूरा कर लिया। इसके बाद उन्होंने इस मुहिम को और तेजी से बढ़ाया।
यूपी, राजस्थान, हरियाणा के 24 से अधिक जिलाें के अलग-अलग गांव में 900 से अधिक लाइब्रेरी खुलवाईं। रामवीर तंवर की इस मुहिम से उनको लाइब्रेरी मेन की पहचान मिली। शनिवार की देर रात करीब ढाई बजे वह अपने सेक्टर-23 स्थित घर पर थे। उनकी तबियत अचानक से बिगडी।
पत्नी ने परिवार के अन्य सदस्यों को रात में फोन किया। सेक्टर-62 स्थित अस्पताल में उनको भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने ह्रदयगति रुकने से उनकी मौत होने की वजह बताई। रामवीर तंवर के परिवार के तीन बेटियां और पत्नी, माता-पिता हैं। बड़ी

