उत्तरी बाइपास चालू होने के बाद भी जिस तरीके से सिकंदरा चौराहा सहित अन्य पर भारी वाहनों का दबाव कम होना चाहिए। वह नहीं हो पा रहा है। अलीगढ़, हाथरस जाने वाले वाहन अभी भी बाइपास से होकर नहीं जा रहे हैं।
शुक्रवार को जिला पर्यावरण समिति की बैठक में यह मुद्दा उठा। कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता व वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने कहा कि बाइपास का सही तरीके से प्रयोग होना चाहिए। अगर भारी वाहन डायवर्ट किए जाएंगे तो ईंधन और समय की बचत होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा 400 करोड़ रुपये से 14 किमी लंबा बाइपास बनाया गया है।
बाइपास से नेशनल हाईवे-19 पर जाम की समस्या पर भी अंकुश लगेगा। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने उत्तरी बाइपास के आसपास सहित अन्य जगहों पर ठीक तरीके से साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। यह कार्य यातायात पुलिस द्वारा किया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे के टोल टैक्स की कमी का भी मुद्दा उठा। डीएम ने कहा कि वर्तमान में शुल्क में कमी को लेकर कोई भी प्रस्ताव नहीं है।

