शीतलहर और घने कोहरे का डबल अटैक, हाड़ कंपाने वाली सर्दी में जन-जीवन बेहाल

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 जनपद में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से दोपहर तक आसमान में कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे सूर्यदेव के दर्शन तक नहीं हो सके। ठंडी हवाओं के साथ दिन भर गलन बनी रही और लोग हाड़ कंपाने वाली सर्दी से जूझते नजर आए। न्यूनतम तापमान लुढ़ककर नौ डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि अधिकतम 21 डिग्री दर्ज किया गया।

न्यूनतम तापमान नौ डिग्री, दिन भर नहीं निकले सूर्यदेव

सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं हाईवे पर भी कोहरे के कारण चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। बस सेवाएं प्रभावित रहीं और कई यात्री बसें देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी भी ठंड और कोहरे से जूझते रहे।

शीतलहर का सबसे अधिक असर दैनिक मजदूरों पर

शीतलहर का सबसे ज्यादा असर मजदूरों और दैनिक मेहनतकशों पर देखने को मिला। खुले में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुबह और शाम का समय बेहद कठिन हो गया है। निर्माण कार्य, ईंट भट्ठों और खेतों में काम करने वाले मजदूर सीमित साधनों के बीच काम करने को मजबूर हैं। जगह-जगह लोग अलाव के सहारे सर्दी से राहत पाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन तेज ठंडी हवाओं के आगे राहत नाकाफी रही।

अलाव के सहारे ठंड से राहत की कोशिश करते रहे लोग

ठंड बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम अधिक जोखिम भरा है। मौसम वैज्ञानिक डा. मनीष सिंह ने बताया कि अगले दो दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना है। इससे रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। यदि हवाएं तेज रहीं तो गलन और बढ़ेगी। ऐसे में शीतलहर से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनना, सिर और कान ढककर रखना तथा अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना जरूरी है।
शीतलहर और कोहरे के इस प्रकोप ने आमजन के साथ सबसे ज्यादा गरीब और मेहनतकश तबके को प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में सर्दी और तेज होने के संकेत हैं, ऐसे में सतर्कता ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

कक्षा आठ तक के बच्चों की आज भी छुट्टी

अत्यधिक ठंड को देखते हुए बच्चों की छुट्टी 20 दिसंबर (आज) भी है। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार ने नर्सरी से कक्षा आठ तक के स्कूलों में 20 दिसंबर को शिक्षण कार्य बच्चों के लिए बंद रखने के निर्देश दिए। सभी परिषदीय, सीबीएसई तथा अन्य बोर्ड के स्कूलों के लिए आदेश प्रभावी रहेगा। उन्होंने परिषदीय स्कूलों में सभी शिक्षक कर्मचारियों को उपस्थित रहकर विभागीय और प्रशासनिक कार्य जैसे अपार आईडी, परीक्षा पर चर्चा पंजीकरण आदि को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

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