अमरोहा में बढ़ेगा मक्का की खेती का रकबा, बीज पर मिलेगा अनुदान; किसानों को दी जाएगी ट्रेनिंग
सरकार मोटा अनाज की खेती को लेकर गंभीर है। किसानों से परंपरागत खेती को छोड़कर सहफसली व नई तकनीक खेती कर आय को बढ़ाने पर जोर दे रही है। उसने मक्का की खेती का दायरा बढ़ाने की तैयारी की है। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिस पर विभाग ने भी अमल की कार्रवाई छेड़ दी है। करीब दो हजार हेक्टेयर जमीन पर उसने मक्का की खेती कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए किसानों को विभाग अनुदान पर बीज उपलब्ध करवाएगा। ब्लॉक व जनपद स्तर पर किसानों को खेती का प्रशिक्षण देगा।
जिले में 97 हजार हेक्टेयर जमीन पर गन्ना की खेती होती है। जिसकी वजह से क्षेत्र को गन्ना बेल्ट के नाम से भी जाना जाता है। गन्ना की खेती यहां के किसानों की परंपरागत खेती है। लेकिन, आय को दोगुना करने के लिए सरकार सहफसली और मोटा अनाज की खेती की अपील किसानों से कर रही है। मोटा अनाज में मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए उसके द्वारा त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को मक्का की खेती के लिए अनुदान पर बीज उपलब्ध करवाया जाता है।
यहां बता दें कि जनपद में 1672 हेक्टेयर जमीन पर अभी तक मक्का की खेती हो रही है। यह हसनपुर तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा होती है। अब कृषि विभाग उसके रकबे को बढाएगा। इसको दोगुना करने का प्रयास करेगा। मक्का के शंकर बीज पर 4600 रुपये प्रति एकड़, देसी बीज पर 3000 रुपये प्रति एकड़, पोपकार्न के बीज पर 4600 रुपये प्रति एकड़ अनुदान किसान को योजना के तहत मिलेगा।इसके अतिरिक्त विभाग उनको प्रशिक्षित भी करेगा। गत 17 दिसंबर को कानपुर में हुई राज्य स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया था। जिसमें जनपद से जिला कृषि अधिकारी मनोज तोमर व किसान जीतपाल सिंह ने प्रतिभाग किया था। गोष्ठी से वापस लौटने के बाद डीएओ ने मक्का की खेती को बढ़ावा देने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

