इस रफ्तार से तो पांच साल में भी नहीं बन पाएगा नया FOB, दशहरा से बंद पड़ा है निर्माण कार्य

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रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज (एफओबी) की कार्य गति को देखकर नहीं लग रहा कि पांच साल में भी निर्माण पूरा हो पाएगा। कार्यदायी संस्था ने यात्रियों की भीड़ को देखते हुए दशहरा में ही निर्माण कार्य बंद कर दिया। पुराना एफओबी टूट गया। यात्रियों की भीड़ धीरे-धीरे सामान्य हो गई है। इसके बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया।

प्लेटफार्म नंबर तीन व चार पर की गई बैरिकेडिंग व खोदे गए गड्ढे सिस्टम को मुंह चिढ़ा रहे हैं। तीन-चार ही नहीं प्लेटफार्म नंबर पांच-छह पर भी चलना मुश्किल हो गया है। यात्रियों की मुसीबत बढ़ती जा रही है। यह तब है जब रेलवे प्रशासन ने दिसंबर 2025 में ही निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।

एक दिन पहले शाम चार बजे के आसपास पूर्व वाले एफओबी पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। संकरे एफओबी पर भीड़ बढ़ते ही दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। यात्रियों ही नहीं स्टेशन प्रबंधन की सांसे भी अटक जाती हैं। प्लेटफार्म नंबर तीन-चार व पांच-छह पर एक बार में दो टर्मिनेट ट्रेनों के आ जाने से स्टेशन से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। त्योहारों और गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है।

इसके बाद भी कार्यदायी संस्था उदासीन बनी हुई है। रेलवे प्रशासन भी संज्ञान नहीं ले रहा, तभी तो दो साल में कार्यदायी संस्था दो कदम भी नहीं चल पाई है। सिर्फ प्लेटफार्म नंबर एक का फाउंडेशन तैयार है। तीन-चार, पांच-छह, सात-आठ और नौ नंबर प्लेटफार्म का कार्य ठप पड़ा है। तीन-चार पर खोदे गए गड्ढे यात्रियों का स्वागत कर रहे हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग के चलते यात्रियों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।

खड़ा होने की भी जगह नहीं मिल रही। हर पल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। गोरखपुर जंक्शन से रोजाना 150 से अधिक ट्रेनें चलती हैं। एक से सवा लाख यात्री आवागमन करते हैं। वर्ष पर्यंत आवागमन करने वाले यात्रियों का दबाव बना रहता है। इसके बाद भी एफओबी निर्माण को लेकर तेजी नहीं दिखाई जा रही है।07 जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी। बीच वाला प्रमुख फुट ओवरब्रिज 16 सितंबर 2023 से बंद है। दो साल बाद सितंबर 2025 में तोड़ा गया। 139 वर्ष बाद गोरखपुर जंक्शन का पुनर्विकास करीब 500 करोड़ रुपये से सिटी सेंटर के रूप में किया जा रहा है।

एफओबी तक पहुंचने में ही फूल जाती हैं सांसें
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक और दो की लंबाई ही 1333.66 मीटर है। जो विश्व का दूसरा सबसे लंबा प्लेटफार्म है। पूर्व और पश्चिमी एफओबी के बीच की दूरी लगभग 700 मीटर है। एक से दूसरे एफओबी तथा तीन से आठ नंबर प्लेटफार्म तक पहुंचने में ही यात्रियों की सांसें फूल जा रहीं हैं। बुजुर्ग, मरीज, बच्चे और महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। ट्रेनों का प्लेटफार्म बदलने पर राह और कठिन हो जा रही। यात्रा से पहले ही रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का मन खिन्न हो जा रहा है।

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