नकली वीजा के साथ पहुंचे 16 बांग्लादेशी नागरिकों को दक्षिण अफ्रीका ने पकड़ा, जल्द होगा निर्वासन

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 दक्षिण अफ्रीका के ओआर टैम्बो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ा खुलासा हुआ है। एथियोपियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट से आए 16 बांग्लादेशी नागरिकों को नकली वीजा के साथ पकड़ा गया है।

ये सभी पुरुष हैं और इन्हें जल्द ही देश से बाहर किया जाएगा। बॉर्डर मैनेजमेंट अथॉरिटी (बीएमए) के अधिकारियों ने इनकी संदिग्ध हरकतों पर नजर रखी और इन्हें रोक लिया है।

कैसे पकड़े गए ये लोग?

अधिकारियों को पहले से ही यात्रियों की जानकारी का विश्लेषण करके इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। एयरपोर्ट पर पासपोर्ट चेक के दौरान ये लोग दक्षिण अफ्रीकी यात्रियों के बीच घुलने-मिलने की कोशिश कर रहे थे। बीएमए के अधिकारियों की नजर इन पर पड़ी और इन्हें लाइन से अलग कर दिया गया।

फिर बॉर्डर लॉ एनफोर्समेंट ऑफिस में गहन जांच की गई। जांच में पता चला कि इनके पास मौजूद वीजा पूरी तरह नकली हैं। इनके यात्रा करने के बताए कारण भी वैध नहीं लगे, जिससे मानव तस्करी की आशंका पैदा हो गई।

प्रारंभिक जांच से पता चला कि ऐसे गिरोह अक्सर दक्षिण अफ्रीका को ट्रांजिट पॉइंट बनाते हैं। ये लोग पड़ोसी देशों में जाते हैं और फिर अवैध तरीके से वापस दक्षिण अफ्रीका में घुसते हैं।

अब सख्ती से की जा रही जांच

बीएमए अब यात्रियों की पहले से जानकारी, व्यवहार की प्रोफाइलिंग और मौके पर सख्ती जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। इससे दक्षिण अफ्रीका को अपराधी नेटवर्क के लिए रास्ता बनने से रोका जा रहा है।

इन अवैध यात्रियों को लाने वाली एयरलाइन पर भी सख्त कार्रवाई होगी। हर यात्री के लिए 15,000 रैंड का जुर्माना लगेगा। साथ ही, इन बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने का पूरा खर्च भी एयरलाइन को ही उठाना पड़ेगा। नियम के मुताबिक, एयरलाइन को उड़ान भरने से पहले यात्रियों के दस्तावेजों की सच्चाई जांचनी होती है।

लंबे समय से चल रही चिंता

दक्षिण अफ्रीका में लंबे समय से यह चिंता बनी हुई है कि बांग्लादेश, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों से लोग अवैध तरीके से आते हैं। इसमें स्थानीय एजेंट होम अफेयर्स विभाग के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर नकली दस्तावेज बनवाते हैं, यहां तक कि दक्षिण अफ्रीकी पासपोर्ट भी। कुछ अफ्रीकी देशों जैसे सोमालिया और इथियोपिया से भी ऐसे मामले सामने आते हैं।

देश को तीसरे देशों में शरण मांगने के लिए ट्रांजिट पॉइंट बनाए जाने की भी शिकायतें हैं। अनुमान है कि दक्षिण अफ्रीका में 3.5 लाख से ज्यादा बांग्लादेश मूल के लोग रहते हैं।

ज्यादातर ने नेल्सन मंडेला के चुने जाने के बाद राजनीतिक शरण मांगी थी। उससे पहले अपार्थीड के समय बांग्लादेश ने अपने नागरिकों को दक्षिण अफ्रीका जाने पर रोक लगाई हुई थी।

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