बिहार में अब 15 दिनों में परिमार्जन! सीओ व कर्मचारियों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी, जानिए क‍िस कार्य के लिए क‍ितना वक्‍त तय

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 राजस्‍व एवं भूमि सुधार विभाग अब किसी कोताही को स्‍वीकार करने के मूड में नहीं है। खासकर अंचल कार्यालय की मनमानी पर विभाग की विशेष नजर है।

इसी क्रम में निर्देश दिया गया है कि परिमार्जन अब 15 दिनों में होगा। उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर विभाग (Revenue and Land Reforms Department) ने परिमार्जन प्लस पोर्टल (Parimarjan Plus Por) पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन का समय तय कर दिया है।

पोर्टल के माध्यम से डिजिटाइज्ड जमाबंदी में नाम, पिता का नाम, जाति, पता, खाता, खेसरा, रकबा और लगान से जुड़ी त्रुटियों के सुधार के साथ-साथ छूटी हुई जमाबंदी को आनलाइन करने की सुविधा है।

परिमार्जन प्लस के तहत प्राप्त आवेदनों में लिपिकीय-टंकण भूल या लोप से जुड़ी त्रुटियों का सुधार 15 कार्य दिवस में किया जाएगा। अन्य जमाबंदी संबंधी त्रुटियों का सुधार 35 कार्य दिवस में होगा।

सभी जिलाध‍िकारी को निर्देश

छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करने का कार्य 75 कार्य दिवस में निर्धारित किया गया है। भू-मापी की आवश्यकता वाले मामलों का निष्पादन भी 75 कार्य दिवस में अनिवार्य रूप से करने की सीमा तय की गई है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लौटाए गए मामलों में आवेदक के लाॅगिन में लंबित अवधि को कार्य दिवस की गणना से बाहर रखा जाएगा।
विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें।

साथ ही, मामलों के निस्तारण में लापरवाही या शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने और इसकी सूचना विभाग को देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उपमुख्‍यमंत्री व‍िजय सिन्‍हा ने कहा है कि समीक्षा के क्रम में परिमार्जन प्‍लस पोर्टल के आवेदनों के निष्‍पादन में लापरवाही की बात सामने आई थी। इसलिए रैयतों को समयबद्ध सेवा उपलब्‍ध कराने के लिए सभी कार्यों की समय सीमा तय कर दी गई है।

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