ब्राह्मण बेटियों को लेकर असभ्य टिप्पणी करने वाले आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े ब्राह्मण संगठनों ने शुक्रवार को चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की। तय योजना के तहत शुक्रवार दोपहर मंत्रालय के बाहर ब्राह्मण संगठनों व कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि एकत्र हुए और शंखनाद कर प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि गुरुवार को राजधानी में 65 ब्राह्मण संगठनों ने संयुक्त मोर्चा का गठन करने के साथ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया था। इसी के तहत शुक्रवार को दोपहर में मंत्रालय के बाहर शंखनाद किया गया और शाम को महाराणा प्रताप की प्रतिमा के समक्ष शंख बजाकर सरकार से संतोष वर्मा के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जाएगी। इसके बाद 14 दिसंबर को यानी कल मुख्यमंत्री आवास का घेराव होगा। 15 दिसंबर को प्रदेश बंद का आह्वान किया जाएगा।
ब्राह्मणों की मांग, कार्रवाई के दस्तावेज दिखाएं
मंत्रालय के गेट के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने बताया कि सरकार ने आईएएस वर्मा के खिलाफ जो कार्रवाई करने का निर्णय लिया है, उससे संदर्भित दस्तावेज हमें उपलब्ध कराएं, तब हम अपने आंदोलन पर पुनर्विचार कर सकते हैं, अन्यथा हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक वर्मा के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं हो जाती है।
आईएएस वर्मा की बर्खास्तगी का प्रस्ताव केंद्र को भेजेगी सरकार
यहां पर यह बता दें कि ब्राह्मण संगठनों द्वारा तीन दिवसीय चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा के बाद गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री के निर्देश पर आईएएस वर्मा को कृषि विभाग के उप सचिव पद से हटकर सामान्य प्रशासन विभाग में भेजते हुए तत्काल प्रभाव से एक पक्षीय कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया गया था। इसके अलावा सीएम ने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया था कि वर्मा को सेवा से बर्खास्त करने के लिए प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए। इस पर विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति के लिए फर्जी और जाली आदेश तैयार करने, विभिन्न न्यायालय में आपराधिक प्रकरण लंबित होने को आधार बनाकर प्रस्ताव भेजने की तैयारी की है।

