33 लाख 34 हजार 30 ऐसे मतदाता हैं, जो बाहर शिफ्ट हो गए हैं। सर्वाधिक आगरा उत्तर विधानसभा के 54 हजार 957 और आगरा छावनी के 54,241 और आगरा दक्षिण के 50 हजार से अधिक शिफ्ट हुए हैं। एसआईआर की एक बार फिर तिथि बढ़ाकर 26 दिसंबर कर दी गई है।
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सभी ऐसे मतदाताओं का री-वैरीफिकेशन कराए जाने का निर्णय लिया है, जो मृतक हैं, बाहर शिफ्ट हुए हैं या फिर मिल नहीं सके हैं। यह जिम्मेदारी जिला स्तरीय अधिकारियों को दी गई है। जिससे पूर्ण रूप से ऐसे मतदाताओं का सत्यापन हो सके।
एसआईआर की दूसरी बार तारीख बढ़ाई गई है। पहले चार से 12 की गई और अब 26 दिसंबर कर दी गई है। हालांकि 12 दिसंबर तक एसआईआर का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। ऐसे में उन मतदाताओं में गुंजाइश देखी जा रही है, जिन तक किसी कारण से अभी तक पहुंचा नहीं जा सका है। ऐसे मतदाताओं को फिर से जिला स्तरीय अधिकारियों की मानिटरिंग में खोजने का प्रयास किया जाएगा। जिले में कुल 36.71 लाख मतदाता हैं। बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र जमा करा रहे हैं।
राजनीतिक दलों की ओर से बनाए गए बूथ लेबल एजेंट भी सहयोग कर रहे हैं। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी और एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान लगातार फील्ड में दौड़ रहे हैं। डोर बजा रहे हैं। एडीएम सिटी ने बताया कि गुरुवार शाम तक शाम तक 34.90 लाख मतदाताओं तक बीएलओ पहुंच चुके हैं। इनमें से 27.46 लाख मतदाताओं के डाटा का डिजिटलाइजेशन भी किया जा चुका है। 7.50 लाख से अधिक मतदाता ऐसे हैं, जिनके गणन प्रपत्र जमा नहीं हुए हैं।
इनमें एक लाख से अधिक मृतक हैं। 3.3 लाख मतदाता ऐसे हैं, जो स्थाई रूप से बाहर शिफ्ट हो चुके हैं। वहीं 47 हजार से अधिक डुप्लीकेट मतदाता हैं। 1.10 लाख से अधिक मतदाता ऐसे बचे हैं, जहां बीएलओ संपर्क कर रहे हैं। सर्वाधिक उत्तर विधानसभा क्षेत्र, दूसरे नंबर तक छावनी और तीसरे नंबर पर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र ऐसे, जिनमें से सर्वाधिक मतदाता बाहर शिफ्ट हुए हैं।
पांच में सौ और चार विधानसभा क्षेत्रों में 99 प्रतिशत से अधिक एसआईआर
बाह, फतेहपुर सीकरी, फतेहाबाद, खेरागढ़ और छावनी विधानसभा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एसआईआर का कार्य हो चुका है। वहीं शेष चार विधानसभा क्षेत्र आगरा दक्षिण, आगरा उत्तर, आगरा ग्रामीण और एत्मादपुर में भी 99 प्रतिशत से अधिक एसआईआर का कार्य हुआ है।

