‘बरात लेकर आए तो वापस दूल्हे की लाश जाएगी,’ दूल्हे के घर के बाहर धमकी भरा पत्र फेंका, दहशत में परिवार

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गांव ढेला अहीर में बरात रवाना होने से पहले किसी ने युवक के घर के बाहर धमकी भरा पत्र डालकर जान से मारने की धमकी दी थी। इसमें कहा गया कि बरात लेकर आए तो वापस दूल्हे की लाश जाएगी। युवक की शादी रुड़की निवासी युवती के साथ तय हुई थी। बुधवार को युवक बरात लेकर पुलिस के पहरे में रवाना जरूर हुआ, लेकिन स्वजन घबराए रहे। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव ढेला अहीर निवासी नरेश कुमार ने अपने पुत्र भोलू कुमार की शादी रुड़की निवासी एक युवती के साथ तय की थी। बुधवार को भोलू की बरात रवाना होने से पहले किसी ने उनके घर के बाहर धमकी भरा पत्र फेंक दिया। पत्र में बरात लेकर जाने पर दूल्हे को गोली मारने की धमकी भी दी गई थी। पत्र पढ़कर स्वजन दहशत में आ गए। नरेश कुमार थाने पहुंचे और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
साथ ही पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से दो पुलिस कर्मियों को गांव भेज दिया। साथ ही सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर आरोपितों की तलाश तेज कर दी है। एसओ विकास कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कर धमकी भरा पत्र फेंकने वाले की तलाश शुरू किए जाने की बात कही है।

किशोरी से छेड़छाड़ में 20 माह का कारावास

संवाद सहयोगी, जागरण, बिजनौर। पोक्सो एक्ट के विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद्र शुक्ला ने किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में आरोपित सोनू उर्फ अनिकेत को दोषी पाते हुए 20 माह का कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अर्थदंड की राशि में से दो हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
विशेष लोक अभियोजन अधिकारी योगेंद्र कुमार के अनुसार एक व्यक्ति ने थाना मंडावली में दर्ज कराई रिपोर्ट में लिखा था कि 15 अप्रैल 2021 को शाम के समय उसकी नाबालिग लड़की पानी लेने नल पर गई थी। आरोपित सोनू उर्फ अनिकेत वादी की पुत्री को एक हजार रुपये देने लगा और हाथ पड़कर साथ चलने के लिए जबरदस्ती करने लगा। उसकी पुत्री के शोर मचाने पर वादी का छोटा भाई और पत्नी बाहर आए तो आरोपित मौके से फरार हो गया। न्यायाधीश प्रकाश चंद शुक्ला ने आरोपित सोनू उर्फ अनिकेत को दोषी पाते हुए 20 माह की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपित को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में दोष मुक्त कर दिया है।

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