लूथरा ब्रदर्स की जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट, चंद दिनों में बदल गई थी किस्मत; गोवा अग्निकांड से बर्बाद हुआ सबकुछ

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 गोवा में रोमियो लेन नाम के नाइट क्लब ने गौरव व सौरव लूथरा भाइयों की जिंदगी बदल कर रखी दी। करीब एक दशक पहले मुखर्जी नगर स्थित हडसन लेन में लूथरा भाइयों ने पहले मामाज ब्वॉय के नाम से क्लब की शुरुआत की थी।

वह क्लब दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच काफी मशहूर हो गया। बस फिर क्या था, इसके बाद उन्होंने रोमियो लेन के नाम से दूसरा क्लब खोला, जिसने लूथरा भाइयों का सब कुछ बदल दिया। शुरुआत में सिविल लाइंस में थोड़ी सफलता पाने वाला यह ब्रांड, कोरोना के बाद गोवा के वागाटोर में बड़ा ब्रांड बन गया।

समुद्र के शानदार नजारों के साथ, वागाटोर का रोमियो लेन जल्द ही पर्यटकों के लिए एक मैग्नेट बन गया। बिंदास बॉलीवुड नाइट्स, चट्टानों को रोशन करने वाले फायर परफार्मर, डांस एक्ट और खुली हवा में सेटिंग ने इसे पार्टी करने की जगह बना दिया।

रोमियो लेन अपने बड़े साइज, शानदार नजारे और तेजी से काम्पिटिटिव होते गोवा के नाइटलाइफ इकोसिस्टम में इंडियन फ्लेवर के लिए सबसे अलग पहचान बना लिया। जिससे खुद को ‘गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर’ बताने वाला सौरभ सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले क्लब का मालिक बन गया।

इंदौर, नागपुर, आगरा से लेकर देहरादून तक हर नया मॉल रोमियो लेन को अपनी नाइटलाइफ की खास जगह बनाना चाहता था। डेवलपर्स कंस्ट्रक्शन का खर्च उठाने और ब्रांड को रखने के लिए सबसे अच्छी रेंटल डील देने को तैयार थे। पैसे कमाने के लिए उत्सुक फ्रेंचाइजी ने ब्रांड नाम के लिए भारी फीस दी और महीने की रायल्टी देने पर भी राजी हो गए।वहीं, जैसे-जैसे रोमियो लेन तेजी से बढ़ा, लूथरा भाइयों ने उन जगहों पर बिर्च बाय रोमियो लेन नाम से लॉन्च कर दिया, जहां इलाके की पाबंदियों की वजह से ओरिजिनल स्टोर नहीं खुल पाया था। उन्होंने अपने पोर्टफोलियो में काहा को भी जोड़ा। जिसके बाद ग्रुप के पूरे भारत में 25 से ज्यादा ऑपरेशनल आउटलेट हो गए। इसका दुबई में भी एक क्लब है। लूथरा परिवार की पहचान भाइयों के बीच मजबूत बिजनेस पार्टनरशिप और दिल्ली में एक जैसे इतिहास से है।

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