बिजली विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र में की गई चेकिंग के बाद एक संविदा कर्मी द्वारा उपभोक्ता से मामला सुलटवाने के नाम पर दस हजार रुपये मांगने का ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। जिसमें रुपये कम देने पर कार्रवाई की भी बात कही जा रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई।
बिजली चेकिंग के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने का ऑडियो वायरल
शुक्रवार को प्रसारित हुआ आडियो ग्रामीण क्षेत्र में स्थित टांडा कोठी 33 केवीए उपकेंद्र का बताया जा रहा है। इस ऑडियो में बिजली चेकिंग के बाद चोरी करते हुए पकड़े गए उपभोक्ता से सौदे बाजी की जा रही थी। जहां उपभोक्ता से फोन पर की जा रही इस सौदेबाजी में उपकेंद्र पर तैनात एक संविदा कर्मी द्वारा दस हजार रुपये की मांग की गई थी। फोन पर उपभोक्ता द्वारा संविदा कर्मी को फोन मिला कर नमस्कार करते हुए मामले को निपटाने की बात कही जाती है। जिसमें वह कहता है कि पहले एक हजार की बात थी मगर, अब 15 सौ दे रहा हूं, मेरी मजबूरी है।
एफआईआर दर्ज हो गई तो 30 से 35 हजार रुपये में निकलोगे
इस पर संविदा कर्मी ने कहा कि हजार 15 सौ का मामला नहीं है। यह जेई साहब का मामला है। अगर, एफआईआर दर्ज हो गई तो 30 से 35 हजार रुपये में निकलोगे। चेकिंग में जेई साहब साथ में थे सिर्फ लाइनमैन ही नहीं थे। मैंने तुम्हें समझाया था कि थोड़ा बहुत कम करके ले आओ। वह कहता है कि कितने लेकर आऊ तो वह कहता है कि बताए तो थे दस, थोड़े बहुत कम करके आठ हजार ले आओ। उपभोक्ता द्वारा काम न चलने की भी दुहाई दी जाती है। संविदा कर्मी कहता है किसी से ले लो तो सही रहोगे। उ
पभोक्ता द्वारा इसके बाद भी न मानने पर वह कहता है कि चक्कर में मत पड़ो, लिखित में आने के बाद अभी जुर्माना भी जल्दी में नहीं दो चार माह बाद आएगा। बाद में उपभोक्ता उस संविदा कर्मी से नाम पूछता है तो वह अपना नाम मनोहर बताता है। साथ ही सौदा न पटने पर फोट काट देता है। एक्सईएन नवीन गौतम ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के आदेश दे दिए गए है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी संविदा कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

