उरी हाइड्रो प्लांट पर PAK का ड्रोन हमला था नाकाम, CISF ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दिखाया था दम

2.2kViews
1648 Shares

ऑपरेशन सिंदूर को कई महीने बीत चुके हैं। यह ऑपरेशन अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है, बल्कि कुछ समय के लिए रोका गया है। मगर, मई में हुए इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। हार से तिलमिलाए पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के कई रिहायशी इलाकों पर मिसाइलें दाग दी थीं। यही नहीं, उरी का हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट भी पाकिस्तान के निशाने पर था।

पाकिस्तान ने उरी के हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट पर हमला किया था, जिसे CISF के जवानों ने नेस्तनाबूद कर दिया। यह प्लांट एलओसी के पास है। CISF ने पाकिस्तान के ड्रोन को हवा में ही मार गिराया और उरी प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ।

19 जवान सम्मानित

CISF की इस बहादुरी के लिए 19 जवानों को सम्मानित किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने देर रात उरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट (UHEP-1 and 2) पर हुए ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया था। यही नहीं, जब पाकिस्तान ने गोलीबारी शुरू की, तो जवानों ने आसपास मौजूद आम नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था।

क्या हुआ था उस रात?

CISF जवानों की इस बहादुरी के लिए डायरेक्टर जनरल ने नई दिल्ली स्थित CISF के मुख्यालय में 19 जवानों को सम्मानित किया है। उस रात LOC पर क्या हुआ? इसकी जानकारी देते हुए CISF ने बताया-

CISF के अनुसार, उस समय टीम का नेतृत्व कमांडर रवि यादव कर रहे थे। CISF जवानों ने सबसे पहले ड्रोन हमलों को विफल किया और फिर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर सभी की जान बचाई।

उरी पावर प्लांट को नहीं आई खंरोच

उरी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए CISF ने बताया कि यह प्रोजेक्ट LOC से कुछ ही दूरी पर है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार का खुफिया तंत्र काफी मजबूत था। सभी जवान पूरी तरह से मुस्तैद थे। उस रात सिर्फ 1 नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में ड्रोन्स को हवा में मार गिराया गया था, जिससे हजारों लोगों की जान बच गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *