जल संरक्षण की योजनाओं का मूल्यांकन करने पहुंची केंद्रीय टीम, NIUA की पांच सदस्यीय टीम ने की जांच
शहर में जल संरक्षण, शहरी बाढ़ प्रबंधन और नदी किनारे विकास से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करने नेशनल इंस्टीट्यूट आफ अर्बन अफेयर्स (एनआइयूए) की पांच सदस्यीय टीम गोरखपुर पहुंची। टीम के दौरे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहरी विकास के प्रयासों के दौरान स्थानीय जल स्रोतों, जलीय जीवों और वनस्पतियों को संरक्षित किया जा सके।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन काम करने वाली यह संस्था वाटर रेजिलिएंट सिटीज एवं रिवर सिटी एलायंस की प्रमुख सहयोगी भी है। मंगलवार को टीम ने निर्माणाधीन गोड़धोइया नाला परियोजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने नाले के किनारे प्रस्तावित सड़क पर बेंच और बच्चों के लिए झूले लगाने का रचनात्मक सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त, टीम ने राजघाट पर एक भजन स्थल विकसित करने की सलाह भी दी।
अपने प्रवास के दौरान एनआइयूए के प्रतिनिधि नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा करेंगे और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। टीम गोड़धोइया नाला, रामगढ़ताल, चिलुआताल, एकला बांध और राजघाट सहित विभिन्न प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर रही है। शहरी बाढ़ को रोकने के लिए अपनाए गए उपायों की समीक्षा भी इस दौरे के दायरे में है।
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि निरीक्षण और चर्चाओं के बाद, टीम एक विस्तृत रिपोर्ट भेजेगी, जिसमें शहर में चल रही परियोजनाओं पर आवश्यक सुधार और भविष्य में अपनाए जाने वाले उपायों के सुझाव शामिल होंगे।
इस रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिससे गोरखपुर के शहरी विकास को एक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल दिशा मिलेगी। निरीक्षण के दौरान एनआइयूए की टीम के वैज्ञानिक राहुल सचदेवा, सिमरन प्रीत कौर, सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता अशोक कुमार भाटी आदि मौजूद रहे।

