‘पीएम मोदी ने मेरी मां की जान बचाई, यूनुस उन्हें छू भी नहीं सकता’; शेख हसीना के बेटे ने दी चुनौती

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल कोर्ट ने मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के एक मामले में मौत की सजा सुनाई है। ट्रिब्यूनल कोर्ट के इस फैसले के बाद शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने मोहम्मद यूनुस पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वे मेरी मां को नहीं मार पाएंगे।

दरअसल, बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना इस समय भारत में निर्वासन में हैं। सोमवार को बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने हसीना को मौत की सजा सुनाई। जिसके बाद बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस उनकी मां की हत्या नहीं कर पाएंगे।

यूनुस मेरी मां को छू नहीं सकता

शेख हसीना के बेटे वाजेद ने कहा, “यूनुस मेरी मां को छू नहीं सकता और वह उनके साथ कुछ भी नहीं कर सकता।” उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश में स्थिति “अवैध और असंवैधानिक” है और एक बार कानून का शासन आ जाने पर मामला टिक नहीं पाएगा।

वाजेद ने कहा कि मुहम्मद यूनुस मेरी मां को मार तो नहीं पाएंगे, क्योंकि, वे उन्हें पकड़ नहीं पाएंगे। लेकिन फैसले को जरूर लागू करेंगे। वाजेद ने आगे कहा कि एक बार कानून का राज आ जाए, तो यह पूरी प्रक्रिया ही रद हो जाएगी।

भारत सरकार का शुक्रगुजार रहूंगा

शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी का हमेशा शुक्रगुजार रहूंगा। उन्होंने मेरी मां की सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने मेरी मां की जान बचाई है। वह एक देश के मुखिया के तौर पर उन्हें कड़ी सुरक्षा में रख रहे हैं और इसके लिए मैं भारत सरकार और भारत के लोगों का हमेशा शुक्रगुजार रहूंगा।”

यह एक मजाक है…

हसीना पर फैसले की निंदा करते हुए वाजेद ने कारण गिनाए कि यह ‘पूरी तरह से अवैध’ क्यों है। उन्होंने कहा कि यह एक मजाक है। सबसे पहले, यहां एक अनिर्वाचित, असंवैधानिक और अवैध सरकार है। फिर, न्यायाधिकरणों में मुकदमों को तेजी से निपटाने के लिए, उन्हें कानूनों में संशोधन करना पड़ा, जो आप केवल संसद में ही कर सकते हैं। वर्तमान में, कोई संसद नहीं है। इसलिए यह प्रक्रिया ही पूरी तरह से अवैध थी।

वाजेद ने आगे कहा कि यूनुस ने इस न्यायाधिकरण के 17 न्यायाधीशों को बर्खास्त कर दिया और एक ऐसे नए न्यायाधीश को नियुक्त किया, जिसके पास कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से मेरी मां के बारे में एक भद्दी टिप्पणी की है। इसलिए वह स्पष्ट रूप से पक्षपाती हैं।

वकील नियुक्त करने की नहीं दी अनुमति

वाजेद ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश में अधिकारियों ने हसीना को वकील नियुक्त करने की अनुमति नहीं दी और इसके बजाय उन्होंने अपना बचाव करने के लिए अपने स्वयं के वकील चुन लिए। बांग्लादेश के इतिहास में ऐसे मुकदमों में वर्षों लग जाते हैं, लेकिन उन्होंने इसे 140 दिनों में पूरा कर लिया। इसलिए यह न्याय का पूरी तरह से मजाक है।

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