बांग्लादेश में हाई अलर्ट! शेख हसीना के खिलाफ मामले में फैसले से बढ़ा तनाव, देशभर में लॉकडाउन की घोषणा

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बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मानवता विरोधी अपराध मामले को लेकर माहौल बेहद तनावपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) गुरुवार, 13 नवंबर को इस बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाने की तारीख तय करेगा। अदालत का यह कदम देश के राजनीतिक परिदृश्य में नई हलचल ला सकता है।
देश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ढाका और अन्य प्रमुख शहरों में पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने हवाई अड्डों, सरकारी दफ्तरों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर चौकसी बढ़ा दी है। राजधानी ढाका में कई जगहों पर चेकपोस्ट लगाई गई हैं, वाहनों की तलाशी ली जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

 

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन
प्रतिबंधित अवामी लीग पार्टी ने गुरुवार को देशव्यापी ‘सूर्योदय से सूर्यास्त तक’ लॉकडाउन का ऐलान किया है। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। गौरतलब है कि अंतरिम सरकार द्वारा अवामी लीग और उससे जुड़े संगठनों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पार्टी नेता अब गुप्त स्थानों से ऑनलाइन गतिविधियों को जारी रखे हुए हैं।

 

राजधानी में हिंसक घटनाएं
पिछले दो दिनों में ढाका समेत कई शहरों में हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। कई जगहों पर वाहनों में आग लगाने और कॉकटेल बम धमाकों की रिपोर्टें मिली हैं। पुलिस ने बड़ी संख्या में अवामी लीग समर्थकों को हिरासत में लिया है।

 

मामला क्या है?
यह मामला जुलाई 2024 के उस छात्र आंदोलन से जुड़ा है, जिसने शेख हसीना की सरकार को गिरा दिया था। इस दौरान बांग्लादेश में व्यापक हिंसा हुई थी, जिसमें संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1,400 लोगों की मौत हुई थी।बाद में 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना भारत भाग गईं और उनके पलायन के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ।

 

हसीना पर आरोप
हसीना पर हत्या, अवैध हिरासत और मानवता विरोधी अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। ये वही अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण है जिसे हसीना ने खुद 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान युद्ध अपराधों की जांच के लिए स्थापित किया था। अब वही अदालत उन्हीं के खिलाफ सुनवाई कर रही है।मामले की गवाही पूरी हो चुकी है और न्यायाधिकरण अब गुरुवार को यह तय करेगा कि फैसले की घोषणा कब की जाएगी। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि कानून के अनुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि अवामी लीग समर्थकों का आरोप है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है।

 

विशेषज्ञों की राय
बांग्लादेश इस समय एक बड़े राजनीतिक मोड़ पर खड़ा है। शेख हसीना के खिलाफ फैसले की दिशा तय करेगी कि देश लोकतांत्रिक स्थिरता की ओर बढ़ेगा या एक बार फिर हिंसक उथल-पुथल का सामना करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि हसीना के खिलाफ अदालत का फैसला कठोर आता है, तो देश में बड़े पैमाने पर हिंसा और अस्थिरता फैल सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ, स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

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