जालंधर पराली जलाने के मामले में बना हॉटस्पॉट, इन अधिकारियों को नोटिस जारी

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जालंधर जिले में पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि जालंधर में पराली जलाने की घटनाएं पड़ोसी जिलों शहीद भगत सिंह नगर और होशियारपुर से भी ज्यादा दर्ज की गई हैं। प्रशासन की सख़्ती के बावजूद किसान पराली को आग लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक जिले में 53 स्थानों पर पराली जलाने के मामले सामने आए हैं, जिनमें से 44 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन ने कुल ₹2.70 लाख का जुर्माना लगाया है, जिसमें से ₹1.05 लाख वसूल भी कर लिया गया है।

मंगलवार को भी नकोदर के बीर गांव में पराली जलाने की एक नई घटना सामने आई। पराली से उठते धुएं ने जिले की हवा को और अधिक दूषित कर दिया है। जालंधर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 206 पर पहुंच गया है, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है और सेहत के लिए हानिकारक है।

पंजाब रिमोट सेंसिंग सिस्टम की रिपोर्ट के अनुसार, 17 अक्टूबर से अब तक 64 संभावित आगजनी स्थलों की पहचान की गई थी, जिनमें से 53 जगह पर पराली जलाना पुष्टि की गई। प्रशासन ने किसानों को पहले ही जागरूक करने के लिए कई बैठकें और अभियानों का आयोजन किया था। इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे। नतीजतन, जिला प्रशासन ने 83 नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि निगरानी के बावजूद आगजनी की घटनाएं क्यों नहीं रुकीं।

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