दिल्ली ब्लास्ट का डरावना सच: चिथड़े हुए शरीर का टुकड़ा मिला, पहचान के लिए जुटी जांच टीम; इलाके में अफरातफरी

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राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर की शाम एक बार फिर दहशत फैल गई। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ठीक शाम 6 बजकर 52 मिनट पर जोरदार कार ब्लास्ट हुआ। विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास की जमीन कांप गई और पूरा इलाका अफरातफरी में बदल गया। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य लोग घायल हुए। घायलों को लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मृतकों और घायलों की पहचान
अभी तक 8 शवों में से केवल 2 पुरुषों की पहचान हो सकी है। बाकी 6 शव अभी भी अज्ञात हैं। धमाके में कुछ शव के हिस्से भी बिखर गए, जिन्हें पहचानना मुश्किल है। डीएनए और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बाकी लोगों की पहचान संभव होगी।

धमाके की जांच में चौंकाने वाला खुलासा
जांच में सामने आया है कि जिस हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ, वह घटना से पहले सुनहरी मस्जिद के पास पार्किंग में लगभग 3 घंटे तक खड़ी थी। पुलिस का मानना है कि यहीं पर कार में विस्फोटक लगाया गया हो सकता है।

हादसे का भयानक दृश्य
चश्मदीदों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि पास खड़ी 5-6 गाड़ियां चकनाचूर हो गईं और दुकानों के शीशे टूट गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इको वैन के पास अचानक विस्फोट हुआ, जिससे लोग इधर-उधर भागने लगे।

सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
धमाके के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया। एनआईए, स्पेशल सेल और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं और सैंपल इकट्ठा किए।

पूर्व बरामदगी और ब्लास्ट का कनेक्शन
जानकारी मिली है कि धमाके से ठीक पहले सोमवार सुबह जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में 2,900 किलो विस्फोटक बनाने वाला केमिकल, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था। यह बरामदगी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े एक अंतरराज्यीय आतंकी नेटवर्क की थी। जांच एजेंसियों को शक है कि इसी बरामद सामग्री का कुछ हिस्सा दिल्ली पहुंचा और उसी का इस्तेमाल इस धमाके में किया गया। इस कड़ी से अब यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

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