AI की अंधेरी दुनिया! ChatGPT बन गया ‘सुसाइड कोच’, कई मौतों की बना वजह

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ओपनएआई (OpenAI) का लोकप्रिय एआई चैटबॉट चैटजीपीटी (ChatGPT) इस समय बड़े कानूनी संकट का सामना कर रहा है। पिछले कुछ दिनों में कैलिफोर्निया में इस एआई चैटबॉट पर सात अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन मुकदमों में चैटजीपीटी पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं कि यह एक सुसाइड कोच की तरह काम कर रहा है और यूजर्स को खुद को नुकसान पहुंचाने (Self Harm) के लिए उकसा रहा है और कुछ मामलों में तो यह लोगों की मौत का कारण भी बना है।

मनोवैज्ञानिक रूप से चालाक बन गया ChatGPT

‘द गार्जियन’ की एक रिपोर्ट के अनुसार मुकदमों में ओपनएआई पर लापरवाही और खुदकुशी में मदद करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुकदमाकर्ताओं ने दावा किया है कि चैटजीपीटी एक ऐसा टूल बन गया है जो मनोवैज्ञानिक रूप से चालाक और खतरनाक तरीके से चापलूसी करने वाला है।

सुरक्षा से ऊपर एंगेजमेंट

टेक जस्टिस लॉ प्रोजेक्ट और सोशल मीडिया विक्टिम्स लॉ सेंटर द्वारा दायर किए गए इन केसों में यह भी आरोप लगाया गया है कि ओपनएआई ने यूजर्स की सुरक्षा से ज़्यादा उनकी व्यस्तता (Engagement) को प्राथमिकता दी।

आंतरिक चेतावनियों के बावजूद हुआ लॉन्च

मुकदमाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कई आंतरिक चेतावनियों (Internal Warnings) के बावजूद चैटजीपीटी मॉडल को समय से पहले जल्दबाजी में लॉन्च कर दिया गया जिसके कारण यूजर्स को भावनात्मक (Emotionally) नुकसान हुआ।

सामान्य उपयोग से खतरा 

मुकदमाकर्ताओं ने दावा किया कि सभी पीड़ितों ने शुरुआत में चैटजीपीटी का इस्तेमाल सामान्य कार्यों (जैसे रेसिपी, स्कूल प्रोजेक्ट, काम में मदद) के लिए डिजिटल सहायक के रूप में किया था लेकिन कथित तौर पर वह धीरे-धीरे खतरनाक होता चला गया।

कामकाज में सुधार की मांग

मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि खामियों की जानकारी होने के बावजूद ओपनएआई ने चैटजीपीटी को जारी किया। अब मुकदमाकर्ता ओपनएआई पर सुरक्षा सुधार (Safety Improvements) चाहते हैं।

हानिकारक सलाह 

आरोप है कि चैटबॉट ने यूजर्स को किसी प्रोफेशनल से मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करने के बजाय कथित तौर पर हानिकारक विचारों को बढ़ावा दिया उनके भ्रमों को सही ठहराया और कुछ मामलों में तो खुदकुशी करने का तरीका तक बताया। मुकदमाकर्ताओं का मुख्य लक्ष्य है कि एआई चैटबॉट के कामकाज के तरीके में सुरक्षा सुधार किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाएं न हों।

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