इस देश में धार्मिक हिंसा…7000 ईसाइयों की हत्या! हजारों चर्च, स्कूल और घर पूरी तरह तबाह

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 नाइजीरिया में धार्मिक हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर सिविल लिबर्टीज एंड द रूल ऑफ लॉ की ताजा रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि जनवरी से 10 अगस्त 2025 तक देशभर में 7,000 से अधिक ईसाइयों की हत्या कर दी गई, जिनके पीछे बोको हरम, फुलानी उग्रवादी और आईएस-संबद्ध आतंकवादी समूहों का हाथ बताया जा रहा है।

आतंक और हिंसा का जाल

रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकांश हमले नाइजीरिया के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों — जैसे बोर्नो, कडुना, बेन्यू और प्लाटो राज्य में हुए हैं। यहां चरमपंथी समूह गांवों पर हमले कर घरों को जला देते हैं, महिलाओं और बच्चों का अपहरण करते हैं और धार्मिक प्रतीकों को नष्ट करते हैं।
Intersociety ने दावा किया कि 2025 में अब तक करीब 18 लाख लोग हिंसा से विस्थापित हुए हैं, जबकि हजारों चर्च, स्कूल और घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।

सरकार ने रिपोर्ट को बताया ‘भ्रामक’

नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा, “नाइजीरिया को धार्मिक रूप से असहिष्णु कहना गलत है। हमारा संविधान हर धर्म की स्वतंत्रता और समान सम्मान की गारंटी देता है।” राष्ट्रपति टिनुबू ने कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है। वहीं, विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश में किसी भी नागरिक पर उसके धर्म, जाति या नस्ल के आधार पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

धार्मिक संतुलन और तनाव की जड़ें

नाइजीरिया की लगभग 22 करोड़ आबादी दो प्रमुख समुदायों में बटी है,आधे मुस्लिम और आधे ईसाई। धार्मिक हिंसा की जड़ें केवल मजहबी नहीं हैं, बल्कि भूमि विवाद, जातीय संघर्ष, आर्थिक असमानता और आतंकवादी नेटवर्क भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से उत्तरी इलाकों में बोको हरम और उसके सहयोगी समूह आईएस-वेस्ट अफ्रीका प्रांत (ISWAP) वर्षों से ईसाई गांवों पर हमले करते रहे हैं।

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