पंजाब में जारी हुई एडवाइजरी! बेहद सावधान रहें लोग

2.6kViews
1457 Shares

जैसे-जैसे मौसम ठंडा होता है, हवा की गुणवत्ता बिगड़नी शुरू हो जाती है। पराली जलाने से तथा दीवाली के त्यौहार के कारण स्थिति और बिगड़ जाती है। बिगड़ता हवा गुणवत्ता सूचक अंक उन लोगों में रोग तथा मौत के दर को बढ़ाता है, जो इसके संपर्क में आते हैं, खास कर कमजोर आबादी जैसे कि बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, लंबे समय से सांस की बीमारियों से पीडि़त लोग, पुलिस कर्मचारी तथा म्यूनिसिपल कर्मचारी।

नीचे लिखे उपाय करके हवा प्रदूषण के जोखिम को घटाया जा सकता है। हवा प्रदूषण के संपर्क को कम करने के लिए ज्यादा हवा प्रदूषण वाली स्थानों से परहेज करो, जैसे कि प्रदूषण फैलाने वाले क्षेत्रों के नजदीक धीरे तथा भारी ट्रैफिक वाली सड़कों। दिन के लिए अपनी बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने से पहले ए.क्यू.आई. की जांच करो।

गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चों तथा बुजुर्गों जैसे उच्च जोखिम वाले लोगों को जहां तक संभव हो सके, बाहरी गतिविधियों को सीमित करना चाहिए। किसी भी किस्म की लक्कड़, पत्तों, फसल की पराली तथा बचत को खुले वातावरण में जलाने से परहेज करो, जो हवा प्रदूषण को और बिगाड़ सकता है।पटाखे जलाने से परहेज करो।

हवा प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों को घटाने के लिए, एंटीआक्सीडैंटों से भरपूर मौसमी फल तथा सब्जियां खाओ तथा हाईड्रेशन बनाए रखने के लिए जरूरी पानी पिओ। लंबे समय से पलमोनरी या कार्डिओ वैसकुलर समस्याओं वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों तथा बुजुर्गों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए तथा प्रदूषित हवा के संपर्क से बचना चाहिए।

लंबे समय से पलमोनरी तथा कार्डिओ वैसकुलर बीमारी वाले मरीजों को गंभीर हवा प्रदूषण वाले दिनों में अपनी बीमारियों के लक्षणों के बढ़ने पर नजर रखनी चाहिए यदि इस दौरान लक्षण बिगड़ते हैं, तो तुरंत डाक्टरी सलाह लेनी चाहिए। खराब से गंभीर हवा प्रदूषण के दिनों में एन 95 या एन 99 मासक पहनें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *