उत्तर कश्मीर के बारामुला जिले के बोनियार इलाके में शनिवार शाम एक इस्लामी मदरसा (दारुल उलूम) भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय दारुल उलूम की एक कक्ष में अचानक आग भड़क उठी, जो देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरा मदरसा राख में तबदील हो गया।
आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने मस्जिद और आस-पास के घरों को आग की लपटों से बचाने में सफलता पाई, लेकिन दारुल उलूम को नहीं बचाया जा सका।
इस हादसे में दारुल उलूम की तमाम धार्मिक पुस्तकें और पवित्र कुरआन शरीफ की प्रतियां भी जलकर राख हो गईं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर फायर एंड इमरजेंसी सर्विस विभाग की गाड़ियां समय पर पहुंच जातीं, तो दारुल उलूम को बचाया जा सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही उरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. सज्जाद शफी मीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद शिक्षकों और छात्रों को सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि दारुल उलूम की पुनर्निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
घटना के समय बच्चे और उस्ताद बेहद गमगीन थे, कई की आंखों में आंसू थे। राहत की बात यह रही कि सभी बच्चे सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है, जबकि स्थानीय लोगों ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

