PM मोदी और ट्रंप के बीच रूस से तेल पर कोई बात नहीं हुई, भारत सरकार ने नकारा दावा

3.0kViews
1465 Shares

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक और दावे की हवा निकल गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के उस दावे का खंडन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच ऐसी कोई टेलीफोनिक बातचीत हुई ही नहीं है।

ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि पीएम मोदी ने उनसे वादा किया है कि भारत रूस से तेल खरीद बंद कर देगा। उन्होंने यहां तक कहा था कि भारत ने रूस से तेल खरीदना पहले ही रोक दिया है। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्थिति स्पष्ट की है।

रूस से तेल खरीद बंद करना आसान नहीं
जानकारों का कहना है कि किसी देश से तेल खरीद को अचानक बंद करना इतना आसान नहीं है। इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है, जिसमें काफी समय लग सकता है। रूस के साथ भारत का तेल व्यापार लंबे समय से चला आ रहा है, और इसे तत्काल रोकना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण है।

ट्रंप का मकसद: यूक्रेन-रूस युद्ध पर दबाव
ट्रंप का यह दावा उनके उस एजेंडे से जुड़ा है, जिसमें वे रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की बात करते हैं। उनका मानना है कि रूस अपनी तेल बिक्री से होने वाली कमाई का इस्तेमाल युद्ध के लिए कर रहा है। ट्रंप ने कई बार कहा है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस से तेल खरीद रोकी जाए, तो रूस पर युद्ध खत्म करने का दबाव बनाया जा सकता है। भारत के अलावा, ट्रंप ने यूरोपीय देशों और नाटो सहयोगियों को भी रूस से तेल खरीदने के खिलाफ चेतावनी दी है।

भारत की स्थिति स्पष्ट
भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए साफ किया कि भारत की नीतियां और व्यापारिक फैसले स्वतंत्र और राष्ट्रीय हितों के आधार पर लिए जाते हैं। यह खंडन ट्रंप के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है और भारत की कूटनीतिक स्थिति को मजबूती प्रदान करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *