अगर जनता खुद ही उतर आए मैदान में… तो जनप्रतिनिधियों की क्या जरूरत है?
नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में वार्ड नंबर 2 के तहत आते गदईपुर की गली नंबर 1 में रहने वाले लोगों का नगर निगम पर से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। सीवर जाम की समस्या को लेकर बार-बार शिकायतें करने के बावजूद जब निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो रविवार को स्थानीय निवासियों ने खुद ही सीवर चैंबर खोलकर सफाई शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले 3 महीनों से यहां का सीवरेज सिस्टम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। सीवर जाम होने से गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया, जिससे असहनीय बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि यह इलाका स्लम एरिया में आता है और यहां पर निगम के अधिकारी कभी ध्यान नहीं देते।
अधिकतर निवासी प्रवासी हैं जो फैक्टरियो और दुकानों में काम करते हैं। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण उन्होंने खुद ही रस्सी और बाल्टियां लेकर गटर खोलने का काम शुरू किया। कई लोग बारी-बारी से चैंबर के अंदर उतरकर गंदा पानी और कीचड़ बाहर निकालते रहे। यह नजारा देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो इस इलाके को नगर निगम के नक्शे से ही बाहर कर दिया गया हो।
लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एम.पी., एम.एल.ए. और निगम पार्षद चुनावों के दौरान तो बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई हालचाल तक नहीं पूछता। अगर जनता को खुद ही सीवर साफ करना पड़े तो फिर इन जनप्रतिनिधियों की क्या जरूरत है?
रविवार को मोहल्ले के राजेश, सोनू, राजू, मुकेश, बाबू लाल, रविंदर, पिंटू और सूरज समेत कई लोगों ने एकजुट होकर सीवर जाम की समस्या को अपने दम पर हल करने का प्रयास किया। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निगम ने इस क्षेत्र में नियमित सफाई और मेंटेनेंस की व्यवस्था नहीं की, तो वे इसका विरोध बड़े स्तर पर करेंगे। इस दौरान लोगों में सत्तापक्ष यानी आम आदमी पार्टी विरुद्ध गहरा रोष देखने को मिला
हरप्रीत वालिया पार्षद वार्ड नंबर 2 ने नगर निगम के जोन ऑफिस में जाकर कई बार गदईपुर की सीवरेज समस्या बारे बताया परंतु हर बार अधिकारी और कर्मचारी टालमटोल करते हैं। कभी कहते हैं मोटर खराब है और पानी आगे नहीं जा रहा, कभी कहते हैं पीछे की लाइन भरी हुई है। दो महीने से निगम के चक्कर काट रहा हूं परंतु किसी को कोई फिक्र नहीं।

