महाराष्ट्र के वित्त मंत्री अजित पवार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें कर व राजस्व सृजन की प्रकिया को आसान बनाने का निर्देश दिया, ताकि राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत हो सके।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने मंगलवार को राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह कर संग्रह और राजस्व बनाने की प्रक्रिया आसान और प्रभावी बनाएं, ताकि राज्य की वित्तीय स्थिति को बेहतर किया जा सके। पवार ने राज्य सचिवालय में वित्त, योजना और उत्पाद शुल्क विभाग का कार्यभार संभालने के बाद अधिकारियों के साथ एक बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कर संग्रह और राजस्व सृजन के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।
वित्त मंत्री ने बैठक में लंबित योजनाओं, राजस्व स्थिति और कोष (फंड) की जरूरतों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसान और आम नागरिक के कल्याण के लिए योजनाएं तैयार करें और सुनिश्चित करें कि वे प्रभावी तरीके से लागू हों।
पवार के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कर की चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके साथ राज्य के राजस्व को बढ़ाने, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, कृषि क्षेत्र को विकसित करने और रोजगार सृजन पर भी जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्य में आर्थिक सुधार के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि महाराष्ट्र की वित्तीय स्थिति मजबूत हो और राज्य की जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने पवार के निर्देशों पर चर्चा की और उन्हें क्रियान्वित करने के लिए अपनी रणनीतियों पर काम करने का आश्वासन दिया।