निहारने की बुरी लत को आंख सेंकना कहा जाता है। राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री व बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आगामी यात्रा का उद्देश्य आंख सेंकना बताया है। यह फायदा करेगा या नुकसान?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिलाओं की बेहतरी के लिए बहुत सारे काम कर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से लेकर शिक्षा-नौकरी तक में महिलाओं के लिए आरक्षण का विशेष प्रावधान करने के कारण उनकी पहचान है। महिलाओं की मांग पर बिहार में शराबबंदी कानून लागू कर वह सुर्खियों में रहे थे। जीविका दीदी जैसे प्रोजेक्ट के कारण बिहार में महिलाओं को खूब मौके मिले हैं। उनकी पार्टी जनता दल यूनाईटेड ने ही मूलत: बिहार की राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाई। इन सारी बातों का असर हर चुनाव में दिखता है। ताजा-ताजा असर प्रशांत किशोर ने झेला, जब उप चुनाव के ठीक पहले उन्होंने शराबबंदी खत्म करने का वादा किया। असर ऐसा कि उप चुनाव के दौरान बूथों पर महिलाएं ही ज्यादा दिखीं और नीतीश कुमार के साथ एनडीए ने चार की चारों सीटें जीत लीं। जहां तीन-एक से पीछे थी, वहां चार-शून्य से जीत गई। ऐसे में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी में जुटे तेजस्वी यादव के लिए लालू प्रसाद यादव का नीतीश कुमार को लेकर दिया गया बयान मुसीबत न बन जाए!