बॉलीवुड में कई ऐसे गाने हैं, जिनकी धुन और आवाज आज भी लोगों के दिलों पर राज करती है। कुछ गानों के पीछे ऐसी दिलचस्प कहानियां छिपी होती हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। ऐसा ही एक गाना अभिनेत्री तब्बू से जुड़ा है, जिसमें वह तवायफ के किरदार में नजर आई थीं। खास बात यह है कि इस गाने की धुन का कनेक्शन मशहूर पाकिस्तानी कव्वाल नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली से बताया जाता है, जबकि इसे अपनी आवाज दी थी दिग्गज गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने।
तब्बू बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं। लेकिन उनका एक खास अंदाज उस गाने में देखने को मिला, जिसमें वह तवायफ के रूप में नजर आई थीं। उनके हाव-भाव, अदाकारी और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस ने इस गाने को यादगार बना दिया।
इस गाने की सबसे खास बात इसका संगीत है। इसकी धुन का संबंध नुसरत फतेह अली खान की मशहूर कव्वाली से जोड़ा जाता है। नुसरत फतेह अली खान अपनी सूफियाना गायकी और कव्वाली के अनोखे अंदाज के लिए दुनियाभर में मशहूर रहे हैं। उनकी आवाज और संगीत की विरासत का प्रभाव भारतीय फिल्म संगीत पर भी देखने को मिला है।
वहीं, इस गाने को अपनी आवाज देने वाली कविता कृष्णमूर्ति ने अपनी सुरीली गायकी से इसमें जान डाल दी। कविता कृष्णमूर्ति हिंदी फिल्म संगीत की चर्चित गायिकाओं में से एक हैं। उनकी आवाज में रोमांस, दर्द और शास्त्रीय संगीत का खूबसूरत मेल सुनने को मिलता है।
तब्बू का इस गाने में तवायफ के रूप में नजर आना भी दर्शकों के लिए खास रहा। उस दौर के फिल्मी संगीत में ऐसे गाने कहानी को आगे बढ़ाने के साथ-साथ किरदारों की भावनाओं को भी पर्दे पर पेश करते थे।
नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली से जुड़ी धुन, कविता कृष्णमूर्ति की आवाज और तब्बू की अदाकारी ने इस गाने को खास पहचान दिलाई। यही वजह है कि आज भी पुराने हिंदी फिल्मी गानों और उनके पीछे की कहानियों में दिलचस्पी रखने वाले लोग इस गाने को याद करते हैं।
कुल मिलाकर, यह गाना भारतीय फिल्म संगीत में अलग-अलग कलाकारों की प्रतिभा के खूबसूरत संगम की मिसाल है। तब्बू की अदाकारी, कविता कृष्णमूर्ति की गायकी और नुसरत फतेह अली खान की संगीत विरासत का यह कनेक्शन आज भी चर्चा में रहता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

