मथुरा में कब मनेगी दिवाली 2026? धनतेरस से भाई दूज तक जानिए गोवर्धन पूजा समेत सभी त्योहारों की तारीखें

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उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी मथुरा में दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और ब्रज क्षेत्र में दीपोत्सव का विशेष धार्मिक महत्व है। इस बार तिथियों के अंतर के कारण दीपावली से जुड़े कुछ प्रमुख त्योहारों के बीच एक दिन का अंतर भी देखने को मिलेगा। ऐसे में अगर आप मथुरा-वृंदावन में दिवाली मनाने की योजना बना रहे हैं, तो त्योहारों की तारीखें जरूर नोट कर लीजिए।

मथुरा में दीपोत्सव की शुरुआत 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के साथ होगी। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की जाती है। मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ वस्तुओं की खरीदारी करना मंगलकारी होता है। इस मौके पर बाजारों में खरीदारी की रौनक देखने को मिलेगी।

इसके बाद 8 नवंबर को छोटी दिवाली और मुख्य दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन घरों और मंदिरों में दीप जलाए जाएंगे। शाम को माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाएगी। मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में भी दीपोत्सव को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।

अब बात करते हैं गोवर्धन पूजा की। ब्रज क्षेत्र में इस पर्व का विशेष महत्व है। साल 2026 में गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का आयोजन 10 नवंबर, मंगलवार को किया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का स्मरण किया जाता है। भक्त गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पूजा करते हैं और भगवान को अन्नकूट का भोग अर्पित करते हैं।

गोवर्धन पूजा के बाद 11 नवंबर, बुधवार को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपना स्नेह जताते हैं।

इस तरह मथुरा में दीपोत्सव का प्रमुख त्योहारों वाला कार्यक्रम 6 नवंबर से 11 नवंबर तक चलेगा। हालांकि, तिथियों और स्थानीय परंपराओं के अनुसार कुछ धार्मिक आयोजनों में अंतर हो सकता है।

कुल मिलाकर, भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में दीपावली का उत्सव केवल रोशनी और खुशियों का पर्व नहीं, बल्कि ब्रज की धार्मिक परंपराओं और आस्था से जुड़ा विशेष अवसर भी है। ऐसे में धनतेरस से लेकर भाई दूज तक की ये तारीखें अपने कैलेंडर में जरूर नोट कर लीजिए।

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