छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अविनाश मैग्नेटो मॉल में दीवाली के मौके पर तैयार की गई भगवान हनुमान की एक खास कलाकृति लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।
इस 20 फीट ऊंची दिव्य प्रतिमा को 2.5 लाख से भी अधिक सफेद मोतियों और मनकों (बीड्स) का इस्तेमाल करके बनाया गया है।
इसे इस तरह तैयार किया गया है कि देखने पर यह हवा में तैरती हुई और त्रि-आयामी (3डी) नजर आती है। आगंतुक इसे जिस एंगल से देखते हैं, उन्हें भगवान हनुमान का एक नया और अलग रूप दिखाई देता है।
किसी आम ठोस मूर्ति के उलट, यह प्रतिमा लटकती हुई अनगिनत मोतियों की लड़ियों से तैयार की गई है। ये सभी धागे मिलकर भगवान हनुमान के 20 फीट ऊंचे स्वरूप की रूपरेखा और उसके बारीक विवरण को दर्शाते हैं। मोतियों की विशेष सजावट के कारण यह प्रतिमा हवा में लटकी हुई सी प्रतीत होती है।
जैसे-जैसे लोग इसके आसपास घूमते हैं, इसका स्वरूप बदलता हुआ दिखता है। हालांकि, यह कोई होलोग्राफिक प्रोजेक्शन नहीं है, बल्कि मोतियों की अनोखी बनावट की वजह से यह 3D और 4D जैसा दृश्य अनुभव कराती है।
डेढ़ लाख मोतियों से सजा भव्य राम दरबार
हनुमान जी की इस प्रतिमा के साथ ही करीब 1.5 लाख मोतियों से सजा एक सुंदर राम दरबार भी स्थापित किया गया है। इसमें भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी को पारंपरिक राजदरबार के परिवेश में दर्शाया गया है।
इस दरबार में हाथ से की गई पेंटिंग, महलनुमा मेहराब और खूबसूरत रोशनी का इस्तेमाल हुआ है। सफेद मोतियों की चमक को उभारने के लिए खास तरह की वॉर्म लाइट्स और स्पॉटलाइट्स लगाई गई हैं, जिससे मूर्तियों के चेहरे और भाव बेहद स्पष्ट नजर आते हैं।
मॉल के सेंट्रल एट्रियम में लगी इन दोनों कलाकृतियों को दीवाली पर कला, भक्ति और आस्था के संगम के रूप में प्रदर्शित किया गया है।
मॉल प्रबंधन का कहना है कि इसका उद्देश्य आगंतुकों को धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ एक अनूठे शिल्प कौशल का अनुभव कराना है। प्रबंधन के अनुसार, किसी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के अंदर मोतियों से बनी यह कलाकृति अपने आप में सबसे बड़े और अनोखे प्रयोगों में से एक है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

