‘आरोपी के परिवार की नहीं की मदद’, कोच्चि में मर्सिडीज क्रैश विवाद पर पूर्व कमिश्नर ने दी सफाई

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केरलम के कोच्चि के पूर्व पुलिस कमिश्नर कालीराज महेश कुमार ने अपने तबादले को एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है।

दरअसल कालीराज महेश कुमार का तबादला एक जज के नाबालिग बेटे द्वारा मर्सिडीज कार से स्कूटर सवार को कुचलने के मामले में मचे बवाल के बीच किया गया है।

लेकिन महेश कुमार ने किसी भी तरह के दबाव या हस्तक्षेप के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपने तबादले को एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया करार दिया है। महेश कुमार के स्थान पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आर.निशांतिनी को कोच्चि शहर का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है।

पूर्व पुलिस कमिश्नर महेश कुमार ने दी सफाई
एर्नाकुलम में पत्रकारों से बातचीत में 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी कालीराज महेश कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, ‘मैं सोशल मीडिया पर नहीं हूं, इसलिए मीडिया के जरिए ही बात रख रहा हूं। मैंने आरोपी नाबालिग या उसके जज पिता की कोई मदद नहीं की। मुझे जज की तरफ से कोई फोन नहीं आया और न ही मेरी उनसे कोई बात हुई।’

महेश कुमार ने आगे कहा कि उन्होंने अपने किसी भी अधिकारी को न तो मामले में नरमी बरतने को कहा और न ही आरोपी को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का कोई निर्देश दिया था।

क्या है पूरा मामला?

25 अक्टूबर 2026 को कोच्चि के चेरानल्लूर इलाके में एक तेज रफ्तार मर्सिडीज बेंच कार ने स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में 55 वर्षीय जयबालकृष्णन की मौके पर ही मौत हो गई।

कार को कथित तौर पर एक एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज का 17 वर्षीय बेटा चला रहा था। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने तब भारी रोष जताया, जब पुलिस ने नाबालिग आरोपी को थाने से ही जमानत दे दी। परिवार ने आरोप लगाया कि मामले को कमजोर करने के लिए पुलिस ने प्रभावशाली परिवार के दबाव में काम किया।

सार्वजनिक आक्रोश और विरोध प्रदर्शनों के बाद चेरानल्लूर पुलिस स्टेशन के चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। बाद में मामले में गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराएं जोड़ी गईं और नाबालिग को हिरासत में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिली।

कौन हैं पूर्व कमिश्नर कालीराज महेश कुमार

कालीराज महेश कुमार को आतंकवाद-रोधी अभियानों और केंद्रीय जांच एजेंसियों में काम करने का लंबा अनुभव है। महेश कुमार मूल रूप से जम्मू-कश्मीर कैडर के अधिकारी रहे हैं। 2010 में आतंकी हमले में घायल हो गए थे।

उन्हें वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (PPMG) और पुलिस पदक (PMG) से नवाजा जा चुका है। 2013 में मानवीय आधार पर उनका ट्रांसफर केरल कैडर में हुआ था।

महेश कुमार राष्ट्रीय जांच एजेंसी में DIG और IG के पद पर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने CISF में भी IG के रूप में सेवाएं दी हैं। इसी साल जनवरी में उन्होंने कोच्चि पुलिस कमिश्नर का पद संभाला था, लेकिन चेरानल्लूर हादसे के बाद उठे सवालों के बीच अब उनका तबादला कर दिया गया है।

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