गाजीपुर में गंगा में ट्राली बैग में मिले युवती के शव का होगा डीएनए टेस्ट, डाक्टरों ने जांच के लिए भेजे चार नमूने

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मुहम्मदाबाद क्षेत्र में गंगा नदी में ट्राली बैग के अंदर युवती का शव मिलने के मामले में मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी है। बलिया के पकड़ी थाना क्षेत्र के मुजही गांव निवासी कोमल उर्फ काजल गोंड़ की मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए नमूनों को अलग-अलग जांच के लिए भेजा गया है।गुरुवार रात विसरा जांच के लिए भेजा गया, जबकि डीएनए जांच भी कराई जानी है। डायटम टेस्ट, विषाक्त पदार्थों की जांच और गले की मांसपेशियों के नमूनों की जांच से मौत की परिस्थितियों का पता लगाने में मदद मिलेगी। विसरा जांच से यह पता लगाने का प्रयास होगा कि युवती को कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं दिया गया था।

वहीं, गले की मांसपेशियों की जांच से गला घोंटने की आशंका की पड़ताल की जाएगी। डायटम टेस्ट से अन्य चिकित्सकीय निष्कर्षों के साथ यह समझने में मदद मिल सकती है कि मौत पानी में डूबने से हुई थी या मृत्यु के बाद शव को नदी में फेंका गया था। डीएनए जांच से शव की पहचान की पुष्टि करने में मदद मिलेगी। शव काफी सड़ जाने के कारण वैज्ञानिक जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बीते रविवार को गंगा में मछली पकड़ रहे मछुआरों को मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के चकतरफिया गांव के सामने एक ट्राली बैग मिला था। उसे खोलने पर अंदर युवती का शव मिला। शव के गले में रस्सी बंधी होने और उसे बैग में बंद किए जाने से मामला संदिग्ध हो गया। बाद में कपड़ों और बैग में मिले सामान के आधार पर स्वजन ने उसकी पहचान कोमल के रूप में की। कोमल 20 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे अपने मोहल्ले के निवासी भानु प्रताप तिवारी के घर लैपटाप देने गई थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद उसकी बहन नीतू ने बलिया के पकड़ी थाने में भानु प्रताप के खिलाफ संदेह जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।

गंगा की धारा की विपरीत दिशा में शव पहुंचने से पुलिस हैरान

गंगा का बहाव गाजीपुर से बलिया की ओर है, जबकि कोमल बलिया की रहने वाली थी और उसका शव गाजीपुर में मिला। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शव नदी में बहकर घटनास्थल तक पहुंचा या उसे किसी अन्य स्थान से लाकर गंगा में फेंका गया। पोस्टमार्टम और प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर मौत की वजह और घटनाक्रम स्पष्ट होने की उम्मीद है।

चार तरह के नमूनों की होगी जांच

पोस्टमार्टम प्रभारी डा. मनीष वर्मा ने बताया कि मामले में चार तरह के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें डीएनए जांच के लिए नमूना, विषाक्त पदार्थों की पहचान के लिए विसरा, पानी में डूबने की स्थिति की पड़ताल के लिए डायटम टेस्ट और गले की मांसपेशियों का नमूना शामिल है। इनकी रिपोर्ट से मौत की परिस्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

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