इस बार करवा चौथ पर MP में भारी बारिश:29 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में बदला रहेगा मौसम; 17 जिलों में पानी गिरेगा
मध्य प्रदेश में इस बार करवा चौथ पर चांद के दीदार मुश्किल हो सकते हैं। मौसम केंद्र (IMD) की अनुसार- 29 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में आंधी, गरज-चमक, बारिश और बादल वाला मौसम रहेगा। पूर्वी हिस्से के 17 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है।
कल, मंगलवार से ही बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। 29 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
वहीं, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी में भारी बारिश हो सकती है। यानी, इन जिलों में 24 घंटे में ढाई से 8 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी जिलों में भी आंधी-बारिश का दौर बना रह सकता है। इसी दिन करवा चौथ भी है।
क्यों रहेगा ऐसा मौसम?
पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर अवदाब (डिप्रेशन) एक्टिव हो गया है, जो आने वाले दिनों में डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा।
वहीं, 26 अक्टूबर को साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम (चक्रवात) तीव्र होकर चक्रवातीय तूफान में बदल जाएगा। 27-28 अक्टूबर को यह भीषण चक्रवातीय तूफान हो जाएगा।
इस वजह से एमपी के पूर्वी हिस्से में इसका असर देखने को मिलेगा। यही कारण है कि मानसून के लौटने के बाद पहली बार प्रदेश में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है
रात में बढ़ी सर्दी…कटनी का करौंदी सबसे ठंडा
अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी से पहले प्रदेश में रात में ठंडक बढ़ गई है। बीती रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
छिंदवाड़ा में 14.4 डिग्री, इंदौर-मलाजखंड में 14.6 डिग्री, दमोह में 15 डिग्री और शाजापुर में 15.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इधर, दिन के तापमान में 2 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिली है। खजुराहो, भोपाल और उज्जैन में तापमान 35.5 से 36.1 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया। अमरकंटक में दिन में ठंडक है। यहां अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आसपास चल रहा है।
प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है। एक ही दिन में पूरे प्रदेश से विदाई हुई, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर अभी भी चल रहा है।
पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। लगातार 8 दिन तक कई जिलों में तेज बारिश भी हुई। शनिवार को बारिश का दौर थम गया।
विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है।
अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। वहीं, कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

