कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने शनिवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की भर्ती परीक्षा में हुए भ्रष्टाचार और बड़े पैमाने पर अनियमितताओ के मामले में IAS ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं हैं और दोषियों को कोई संरक्षण नहीं दिया जाएगा। कर्नाटक लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी गई है। हमारी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रशासन में भ्रष्टाचार और जवाबदेही पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए, शिवकुमार ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में जनता के भरोसे को कम करने वाली हरकतों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
हमारी सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं- डी के शिवकुमार
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने उस भ्रष्टाचार को बहुत गंभीरता से लिया है जो सार्वजनिक भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाता है। शासन में पारदर्शिता और ईमानदारी को प्राथमिकता देना हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है और प्रशासन की छवि खराब करने वाली हरकतों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के खिलाफ मुकदमे का रास्ता साफ
इस मंजूरी के बाद अब आपराधिक जांच विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के लिए रास्ता साफ हो गया है। वे इस निलंबित अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर सकते हैं और ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ तथा अन्य संबंधित कानूनों के तहत मुकदमा चला सकते हैं।
कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के IAS अधिकारी गंगवार, जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच KPSC में ‘कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन’ के पद पर तैनात थे। उन्हें इस साल 29 अगस्त को KPSC वेटरनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

