‘भारत-विरोधी नफरत तेजी से बढ़ रही है’, अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बड़ी टेक कंपनियों पर लगाए गंभीर आरोप
भारतीय मूल के अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर आरोप लगाया है कि वे सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी, हिंदू-विरोधी और दक्षिण एशिया-विरोधी नफरत से फायदा उठा रही हैं।
उनका तर्क है कि ये प्लेटफॉर्म ऑनलाइन नफरत फैलने से मुनाफा कमा रहे हैं और उनके पास इसे रोकने का कोई खास कारण नहीं है।
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी नफरत तेजी से बढ़ रही है, और बड़ी टेक कंपनियां इससे मुनाफा कमा रही हैं। इन कंपनियों के पास उस नफरत को रोकने का कोई कारण नहीं है, जिसे फैलाने में वे खुद मदद करती हैं। कांग्रेस को इन्हें जवाबदेह ठहराना चाहिए।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच एक्स पर दक्षिण एशियाई लोगों को निशाना बनाने वाली लगभग 5,42,360 नफरती पोस्ट की गईं। मासिक आधार पर देखें तो, जनवरी 2024 में ऐसी 12,904 पोस्ट थीं, जो जून 2026 तक बढ़कर 43,843 हो गईं।
टेक कंपनियों की आलोचना की
WTTW के एक इंटरव्यू में, कृष्णमूर्ति ने टेक्नोलॉजी कंपनियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां भारतीय-अमेरिकियों, हिंदुओं और अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों को निशाना बनाने वाले कंटेंट को नियंत्रित करने में विफल रही हैं।
उन्होंने कहा, बड़ी टेक कंपनियां अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी नहीं कर रही हैं, जहां दक्षिण एशिया-विरोधी, भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी नफरत की बाढ़ आ गई है।
रिपोर्ट के निष्कर्षों का हवाला देते हुए उन्होंने आगे कहा मैं आपको बस एक आंकड़ा देता हूं, एक्स पर दक्षिण एशिया-विरोधी नफरत फैलाने वाली पोस्ट या ट्वीट्स की संख्या में बहुत कम समय के भीतर 240 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
कृष्णमूर्ति का तर्क है कि सोशल मीडिया पर एंगेजमेंट से मिलने वाला आर्थिक लाभ ही इस समस्या को बनाए रखने का कारण बन रहा है।
उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से, बड़ी टेक कंपनियां इस नफरत से मुनाफा कमा रही हैं। अभी उनके पास इसे कम करने का कोई कारण नहीं है। इसलिए, हमें संघीय स्तर पर यह सुनिश्चित करना होगा कि अगर वे कोई कार्रवाई नहीं करती हैं, तो उन्हें इसके पूरे परिणाम भुगतने पड़ें।
हेट क्राइम की जांच की मांग
11 अक्टूबर को इलिनोइस के ऑरोरा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी हिंदू मंदिर में हमले की कथित साजिश के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है। घटना के समय कृष्णमूर्ति अपने परिवार के साथ मंदिर में पूजा कर रहे थे।
19 वर्षीय एक संदिग्ध ने मंदिर के बाहर एक व्यक्ति को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन उसकी राइफल जाम हो गई। बाद में, संदिग्ध के दोबारा वहां आने की योजना का पता चलने पर अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कांग्रेस सदस्य के कार्यालय के अनुसार, जांचकर्ताओं को एक घोषणापत्र भी मिला है, जिसमें व्हाइट सुप्रीमेसिस्ट जुड़ी सामग्री है। इस घटना के बाद कृष्णमूर्ति ने फेडरल हेट क्राइम जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाए हैं कि भारतीय-अमेरिकियों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को मिलने वाली धमकियों पर अधिकारी किस तरह की कार्रवाई करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने 105 सांसदों के साथ मिलकर FBI निदेशक कश पटेल को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने FBI से इस कथित साजिश की फेडरल हेट क्राइम के तौर पर जांच करने का आग्रह किया है।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर आरोप लगाया है कि वे सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी, हिंदू-विरोधी और दक्षिण एशिया-विरोधी नफरत से फायदा उठा रही हैं।
उनका तर्क है कि ये प्लेटफॉर्म ऑनलाइन नफरत फैलने से मुनाफा कमा रहे हैं और उनके पास इसे रोकने का कोई खास कारण नहीं है।
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी नफरत तेजी से बढ़ रही है, और बड़ी टेक कंपनियां इससे मुनाफा कमा रही हैं। इन कंपनियों के पास उस नफरत को रोकने का कोई कारण नहीं है, जिसे फैलाने में वे खुद मदद करती हैं। कांग्रेस को इन्हें जवाबदेह ठहराना चाहिए।
रिपोर्ट के बाद आई राजा की टिप्पणी
राजा कृष्णमूर्ति की यह टिप्पणी सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गेनाइज्ड हेट की सितंबर की एक रिपोर्ट के बाद आई है। इस रिपोर्ट में अमेरिका में दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत और शत्रुता में बढ़ोतरी का जिक्र किया गया है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच एक्स पर दक्षिण एशियाई लोगों को निशाना बनाने वाली लगभग 5,42,360 नफरती पोस्ट की गईं। मासिक आधार पर देखें तो, जनवरी 2024 में ऐसी 12,904 पोस्ट थीं, जो जून 2026 तक बढ़कर 43,843 हो गईं।
टेक कंपनियों की आलोचना की
WTTW के एक इंटरव्यू में, कृष्णमूर्ति ने टेक्नोलॉजी कंपनियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां भारतीय-अमेरिकियों, हिंदुओं और अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों को निशाना बनाने वाले कंटेंट को नियंत्रित करने में विफल रही हैं।
उन्होंने कहा, बड़ी टेक कंपनियां अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी नहीं कर रही हैं, जहां दक्षिण एशिया-विरोधी, भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी नफरत की बाढ़ आ गई है।
रिपोर्ट के निष्कर्षों का हवाला देते हुए उन्होंने आगे कहा मैं आपको बस एक आंकड़ा देता हूं, एक्स पर दक्षिण एशिया-विरोधी नफरत फैलाने वाली पोस्ट या ट्वीट्स की संख्या में बहुत कम समय के भीतर 240 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
कृष्णमूर्ति का तर्क है कि सोशल मीडिया पर एंगेजमेंट से मिलने वाला आर्थिक लाभ ही इस समस्या को बनाए रखने का कारण बन रहा है।
उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से, बड़ी टेक कंपनियां इस नफरत से मुनाफा कमा रही हैं। अभी उनके पास इसे कम करने का कोई कारण नहीं है। इसलिए, हमें संघीय स्तर पर यह सुनिश्चित करना होगा कि अगर वे कोई कार्रवाई नहीं करती हैं, तो उन्हें इसके पूरे परिणाम भुगतने पड़ें।
हेट क्राइम की जांच की मांग
11 अक्टूबर को इलिनोइस के ऑरोरा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी हिंदू मंदिर में हमले की कथित साजिश के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है। घटना के समय कृष्णमूर्ति अपने परिवार के साथ मंदिर में पूजा कर रहे थे।
19 वर्षीय एक संदिग्ध ने मंदिर के बाहर एक व्यक्ति को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन उसकी राइफल जाम हो गई। बाद में, संदिग्ध के दोबारा वहां आने की योजना का पता चलने पर अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कांग्रेस सदस्य के कार्यालय के अनुसार, जांचकर्ताओं को एक घोषणापत्र भी मिला है, जिसमें व्हाइट सुप्रीमेसिस्ट जुड़ी सामग्री है। इस घटना के बाद कृष्णमूर्ति ने फेडरल हेट क्राइम जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाए हैं कि भारतीय-अमेरिकियों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को मिलने वाली धमकियों पर अधिकारी किस तरह की कार्रवाई करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने 105 सांसदों के साथ मिलकर FBI निदेशक कश पटेल को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने FBI से इस कथित साजिश की फेडरल हेट क्राइम के तौर पर जांच करने का आग्रह किया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

