संतकबीरनगर के बगहिया वार्ड में सुविधाओं की कमी, बांस के सहारे पहुंच रही बिजली
नगर पालिका के सबसे पुराने वार्डों में शामिल बगहिया वार्ड नंबर 2 में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। करीब 40 वर्ष पहले नगरीय क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद वार्ड की तस्वीर नहीं बदली। करीब एक हजार घरों और सात हजार की आबादी वाले इस वार्ड में सड़क, नाली, जल निकासी, बिजली और पेयजल जैसी समस्याएं बनी हुई है
हालात यह है कि कई स्थानों पर बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है, जबकि पाइपलाइन बिछने के बाद भी घरों तक पानी नहीं पहुंचा है। वार्ड में स्थित भगवान बुद्ध की प्रतिमा, आंबेडकर स्थल और मां वैष्णो माता मंदिर भी बदहाली का दंश झेल रहे हैं।
रविवार को ‘जागरण आपके द्वार’ अभियान के तहत टीम सुबह 11 बजे बगहिया वार्ड पहुंची। दलित बस्ती, टेलीफोन कालोनी, दक्षिणी पुरवा, पूर्वी पुरवा, पश्चिमी पुरवा और आंशिक पुरवा में लोगों ने समस्याएं गिनाईं।
वार्डवासियों का कहना था कि नगर पालिका की ओर से गृहकर और जलकर तो नियमित रूप से लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
टूटी सड़कें और जाम नालियां बढ़ा रहीं परेशानी
वार्ड में हाईवे से आने के लिए बनी इंटरलॉकिंग सड़क कई जगह टूट चुकी है। बाल गोविंद चौरसिया के घर से कांशीराम आवास की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग की हालत भी खराब है। जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्त होने और गड्ढे होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। दोपहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
सड़क किनारे बनी नालियां भी बदहाल हैं। वार्ड की मुख्य सड़क के किनारे बना नाला गंदगी और मिट्टी से पटा हुआ है। जल निकासी के लिए बनाए गए नाले कई जगह टूट चुके हैं। बारिश के दिनों में नालियां जाम होने से गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है। मजबूरी में लोग घरों का पानी आसपास के खाली खेतों में गिराते हैं।
शहर की जल निकासी के लिए बना बड़ा नाला भी इसी वार्ड से होकर गुजरता है। तेज बारिश होने पर इसके ओवरफ्लो होने से सड़क पर गंदा पानी बहने लगता है।
बांस-बल्ली के सहारे बिजली, हादसे का खतरा
वार्ड की दलित बस्ती समेत कई स्थानों पर बांस-बल्ली के सहारे बिजली के तार खींचे गए हैं। मोहल्ले के निवासी रंजीत ने बताया कि कई लोगों ने अपने स्तर से बांस-बल्ली के सहारे बिजली के तार खींचकर आपूर्ति की व्यवस्था की है। पूरब की ओर इंटरलाकिंग सड़क के किनारे बांस-बल्ली और पुराने जर्जर खंभों के सहारे बिजली पहुंचाई जा रही है।
कई घरों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। हल्की हवा चलने पर भी लोग अनहोनी की आशंका से भयभीत रहते हैं। शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
पाइपलाइन बिछी, लेकिन घरों तक नहीं पहुंचा पानी
वार्ड में शुद्ध पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। जल निगम की ओर से पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खोदकर पाइप तो डाल दिए गए, लेकिन 12 महीने बाद भी घरों में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। ऐसे में लोगों को हैंडपंप के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। नगर पालिका की ओर से कभी-कभार सुबह और शाम पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन लोगों का कहना है कि यह पानी पीने योग्य नहीं होता।
सफाई व्यवस्था बेपटरी, प्रतिमा स्थल भी बदहाल
वार्ड में सफाई व्यवस्था की स्थिति भी ठीक नहीं है। लोगों का आरोप है कि सफाईकर्मी सप्ताह में कभी-कभार ही आते हैं। कूड़ा समय से नहीं उठने के कारण कूड़ेदान भर जाते हैं और गंदगी सड़कों पर फैल जाती है। इससे दुर्गंध फैलने के साथ ही आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। मां वैष्णो माता मंदिर के आसपास भी सफाई का अभाव है।
भगवान बुद्ध की प्रतिमा और आंबेडकर स्थल पर भी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। डीह बाबा के स्थान समेत अन्य प्रमुख स्थलों की स्थिति सुधारने की जरूरत है। वार्डवासियों ने सड़क, नाली, जल निकासी, पेयजल और सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के साथ ही बिजली के जर्जर खंभे बदलने, एबीसी केबल लगाने और पंचायत भवन समेत अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

