दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा से जुड़े थप्पड़ विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। सड़क निरीक्षण के दौरान एक युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से स्थिति रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले इस मामले में पुलिस मंत्री के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज कर चुकी है।
मामला सितंबर में पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी इलाके में सड़क निर्माण के निरीक्षण के दौरान सामने आया था। आरोप है कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर मौके पर मौजूद 22 वर्षीय साहिब सिंह और मंत्री के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद मंत्री ने युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मारा। घटना का वीडियो भी सामने आया था। साहिब सिंह ने बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए मंत्री पर मारपीट, धमकी और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगाए थे।
पुलिस ने साहिब सिंह की शिकायत के आधार पर परवेश वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 के तहत NCR दर्ज की थी। NCR और FIR में कानूनी अंतर होता है और गैर-संज्ञेय मामले में पुलिस को जांच के लिए अदालत की अनुमति की जरूरत होती है।
इस पूरे विवाद में आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह से जुड़ी शिकायत भी सामने आई थी। PWD अधिकारियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और धमकी देने जैसे आरोपों में FIR दर्ज की थी। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं।
मंत्री परवेश वर्मा ने अपने पक्ष में कहा था कि विवाद की शुरुआत उनके परिवार को कथित तौर पर गाली दिए जाने के बाद हुई। वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए थे। ऐसे में मामले के दोनों पक्षों के दावों को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
इससे पहले 5 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट में मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था कि याचिका पर नियमानुसार सुनवाई होगी। अब अदालत की ओर से पुलिस से स्थिति रिपोर्ट मांगे जाने के बाद मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
सड़क निरीक्षण से शुरू हुआ था विवाद
विवाद उस समय शुरू हुआ जब मंत्री परवेश वर्मा विकासपुरी में सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे थे। मौके पर सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए और इसी दौरान कथित थप्पड़ की घटना सामने आई। इसके बाद मामला पुलिस शिकायत, NCR और अदालत तक पहुंच गया।
अब दिल्ली हाई कोर्ट में पुलिस की स्थिति रिपोर्ट इस मामले की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी। अदालत के समक्ष पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

