‘गरीब के बच्चों तक डिजिटल लर्निंग की पहुंच’, पीएम मोदी ने बताया मोबाइल-इंटरनेट ने कैसे दूर की कई बाधाएं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्घाटन करते हुए देश में मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी के विस्तार को डिजिटल बदलाव का अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन और इंटरनेट ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, मोबाइल और डेटा की उपलब्धता आसान और सस्ती होने से डिजिटल लर्निंग भी आम लोगों की पहुंच में आई है।

पीएम मोदी ने कहा कि करीब एक दशक पहले भारत के सामने डिजिटल अंतर एक बड़ी चुनौती थी। आधुनिक तकनीक का लाभ मुख्य रूप से उन लोगों तक सीमित था, जिनके पास पर्याप्त संसाधन थे। उन्होंने बताया कि डिजिटल इंडिया अभियान के तहत इस स्थिति को बदलने के लिए मोबाइल फोन को केंद्र में रखा गया और टेलीकॉम सेक्टर में सुधार के साथ बुनियादी ढांचे के विस्तार पर जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल फोन और डेटा तक पहुंच आसान होने का असर शिक्षा के क्षेत्र में भी दिखाई दिया है। ऑनलाइन और डिजिटल माध्यमों ने उन विद्यार्थियों के लिए सीखने के नए रास्ते खोले हैं, जिनके लिए पारंपरिक संसाधनों तक पहुंच आसान नहीं थी। सरकार के मुताबिक, पीएम ई-विद्या के तहत डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। मार्च 2026 तक DIKSHA पर 2 करोड़ से अधिक पंजीकृत यूजर्स थे, जबकि जनवरी 2026 तक SWAYAM पर 5.80 करोड़ से ज्यादा नामांकन दर्ज किए जा चुके थे।

पीएम ई-विद्या के तहत डिजिटल, ऑनलाइन और ऑन-एयर शिक्षा को एक साथ जोड़ा गया है। इसके जरिए अलग-अलग माध्यमों से विद्यार्थियों तक शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया गया है। सरकार के अनुसार, इस पहल में DIKSHA जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ SWAYAM प्रभा के शैक्षिक चैनल भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने मोबाइल कनेक्टिविटी को सिर्फ संचार का माध्यम नहीं, बल्कि सुशासन और नागरिक सेवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण साधन भी बताया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में मोबाइल और आधुनिक कम्युनिकेशन तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में भी बढ़ा है।

गांवों तक इंटरनेट पहुंचाने पर जोर

डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए भारतनेट जैसी पहल भी महत्वपूर्ण है। सरकार के अनुसार, मई 2026 तक भारतनेट के तहत 2.19 लाख ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड का बुनियादी ढांचा पहुंचाया जा चुका था। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और ई-कॉमर्स जैसी सेवाओं की डिजिटल पहुंच बढ़ाने में मदद मिली है।

पीएम मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के मंच से भारत में मोबाइल निर्माण और टेलीकॉम क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में मोबाइल फोन और डेटा की पहुंच आसान होने से डिजिटल तकनीक आम नागरिकों के जीवन का हिस्सा बनी है।

इस तरह मोबाइल और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच ने शिक्षा को पारंपरिक कक्षा की सीमाओं से आगे ले जाने में मदद की है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन कंटेंट और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए विद्यार्थियों के लिए सीखने के विकल्प बढ़े हैं। खासतौर पर ग्रामीण और कम संसाधन वाले परिवारों के बच्चों के लिए डिजिटल लर्निंग शिक्षा तक पहुंच का एक अतिरिक्त माध्यम बनकर उभरी है।

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