शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) के वन्यजीवों के खानपान में अगले महीने से बदलाव होगा। ठंड में जानवरों के शरीर का तापमान गिरने से पाचन क्षमता व शारीरिक गतिविधियों पर असर पड़ता है। ऐसे में चिड़ियाघर प्रशासन उनके स्वास्थ्य व पोषण का ध्यान रखते हुए भोजन की मात्रा व गुणवत्ता में बदलाव करता है। वहीं, अधिक ठंड पड़ने पर उनके सेल से बाहर निकालने के समय को भी बदला जाता है।
अभी इन्हें आधा किलोग्राम दिया जा रहा है। वहीं, भालू को सब्जियों व फलों के साथ ही शहद दिया जाएगा। इसकी मात्रा 50 से 100 ग्राम तक होगी। इसके अलावा सांप घर में रह रहे विभिन्न प्रकार के सांपों को 25 दिन में चूहा और खरगोश दिया जाएगा। मगरमच्छ व घड़ियाल को 20 दिन में मछलियां दी जाएंगी।
ठंड में शाकाहारी जीवों के आहार में पोषण बढ़ाने के लिए विशेष तत्व जोड़े जाते हैं। हिरन, गैंडा व अन्य शाकाहारी जीवों को भोजन के साथ गुड़ भी दिया जाता है। गैंडे को गन्ना, शकरकंद व बरसीम दिया जाता है। इससे इन जीवों की ऊर्जा बनी रहती है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

