सेवा ज्योति यात्रा: सीएम धामी ने किए काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन, वर्चुअली जुड़ेंगे पीएम मोदी… धरने से पहले कांग्रेसी गिरफ्तार

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 सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक दिवसीय दौरे पर उत्तरकाशी पहुंच गए हैं। जोशियाड़ा हेलीपैड उत्तरकाशी पर उतरने के बाद उन्होंने सबसे पहले काशी विश्वनाथ व शक्ति मंदिर के दर्शन किए।

इसके बाद वह रामलीला मैदान में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ एवं ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। यह कार्यक्रम देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सेवा काल के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन
सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को रामलीला मैदान में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ एवं ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन भी प्रस्तावित है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, रंगोली और देशभक्ति गीतों के माध्यम से सेवा, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 18 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में सेवा ज्योति यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें जनभागीदारी के माध्यम से सेवा और सामाजिक सरोकारों का संदेश आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

रामलीला मैदान में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए जाएंगे। इस दौरान उपस्थित नागरिकों को ‘विकसित भारत @2047’ के निर्माण का सामूहिक संकल्प भी दिलाया जाएगा।

इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर डीएम प्रशांत आर्य ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम को सफल और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, पालिकाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, सीडीओ जय भारत सिंह, एसडीएम देवानंद शर्मा, शालिनी नेगी, एसई लोनिवि विजय कुमार आदि उपस्थित रहे।

शांतिपूर्ण धरने से पहले कांग्रेसी गिरफ्तार

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी । हनुमान चौक पर प्रस्तावित एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने से पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए प्रदेश सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने बताया कि बुधवार सुबह वह अपने घर पर धरने में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचाया। उनके साथ अन्य वरिष्ठ कांग्रेसजनों को भी पुलिस लाइन में बैठाया गया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से मोदी सरकार के 25 वर्ष के कार्यकाल और प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में शांतिपूर्ण धरना प्रस्तावित था। इसमें कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने जा रहे थे। बिना किसी हिंसा या कानून-व्यवस्था की स्थिति के उन्हें रोकना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े करता है।

प्रदीप सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, खराब सड़कें, जंगली जानवरों का आतंक, युवाओं, किसानों, व्यापारियों और कम वेतन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। सरकार को इन मुद्दों पर जनता को जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पुलिस के बल पर जनता के सवालों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस संविधान में मिले अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनता के मुद्दे उठाती रहेगी। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर कहा कि सरकार को विपक्ष की आवाज रोकने के बजाय जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवाकाल के 25 वर्ष के विरोध में कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन कार्यक्रम प्रस्तावित किया था।

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