Khagaria News: गंगा-बूढ़ी गंडक का जलस्तर घटा, फिर भी बाढ़ का संकट बरकरार; 24 नावों से आवागमन
बिहार के खगड़िया में गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में अब धीरे-धीरे कमी आने लगी है, जिससे बाढ़ प्रभावित लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और जिले के कई गांव-टोले बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में आवागमन के लिए नावों का संचालन जारी रखा गया है।
जलस्तर घटा, लेकिन खतरा टला नहीं
खगड़िया में गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। तटबंध के भीतर बसे कई गांवों में अब भी पानी मौजूद है।
बूढ़ी गंडक नदी के खगड़िया स्टेशन पर 6 अक्टूबर को जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया। आधिकारिक बाढ़ पूर्वानुमान के अनुसार यहां खतरे का स्तर 36.58 मीटर है, जबकि जलस्तर 37.51 मीटर दर्ज किया गया।
कई गांवों में दोबारा पहुंचा बाढ़ का पानी
सदर, गोगरी और परबत्ता प्रखंड के कई गांव-टोले बाढ़ से प्रभावित हैं। गोगरी के रामपुर पंचायत के कुछ वार्डों में फिर से पानी पहुंचा है। निचले इलाकों में स्थित कुछ घरों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने की सूचना है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जलस्तर में थोड़ी और बढ़ोतरी होने पर कुछ परिवारों को दोबारा घर खाली करने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता था। हालांकि, अब पानी घटने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है।
24 नावों से हो रहा आवागमन
बाढ़ के कारण कई जगह सड़क संपर्क प्रभावित है। ऐसे में प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नावों का संचालन शुरू रखा है। सदर प्रखंड में पांच, गोगरी में आठ, परबत्ता में 10 और गोगरी नगर परिषद के शारदा नगर में एक नाव चल रही है। कुल 24 नावों के जरिए लोगों को आवागमन की सुविधा दी जा रही है।
प्रशासन की नजर जलस्तर पर
प्रशासन और संबंधित विभाग नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और आवागमन की व्यवस्था को जारी रखा गया है। फिलहाल जलस्तर में गिरावट राहत का संकेत है, लेकिन नदियों के खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण संवेदनशील इलाकों में सतर्कता जरूरी बनी हुई है।
खगड़िया के साथ-साथ बिहार के कई अन्य हिस्सों में भी प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी सामान्य स्थिति में नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में जलस्तर की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

