Agra News: कलेक्ट्रेट की 500 करोड़ की जमीन निकली नजूल, मिले 100 साल पुराने दस्तावेज; 24 अक्टूबर को अगली सुनवाई

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आगरा के एमजी रोड स्थित कलेक्ट्रेट परिसर से जुड़ी करीब 500 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। जिला प्रशासन को जमीन से जुड़े करीब 100 साल पुराने दस्तावेज मिले हैं। प्रशासन का कहना है कि रिकॉर्ड के आधार पर विवादित 9,080 वर्ग मीटर जमीन नजूल भूमि है। मामले की सुनवाई एसीएम तृतीय नितिन तेवतिया की अदालत में चल रही है। अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी।

9,080 वर्ग मीटर जमीन को लेकर विवाद

मामला मौजा चक अब्बल के खसरा नंबर 431 से जुड़ा है। इस खसरे में करीब 31,690 वर्ग मीटर जमीन दर्ज बताई गई है। इसमें से लगभग 9,080 वर्ग मीटर हिस्से पर वर्तमान में 42 दुकानों समेत अन्य प्रतिष्ठान बने हुए हैं। इसी जमीन को लेकर प्रशासन और अंजुमन-ए-मोहम्मदिया ट्रस्ट के बीच विवाद चल रहा है।

प्रशासन को मिले पुराने दस्तावेज

जिला प्रशासन ने जमीन के पुराने रिकॉर्ड खंगालने के दौरान करीब एक सदी पुराने दस्तावेज जुटाए हैं। इन दस्तावेजों को विवाद की सुनवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इन रिकॉर्ड से जमीन की स्थिति स्पष्ट होती है और यह नजूल भूमि के रूप में दर्ज है।

इससे पहले ट्रस्ट की ओर से जमीन पर अपना अधिकार जताते हुए अलग दस्तावेज पेश किए गए थे। ट्रस्ट का दावा है कि जमीन नजूल नहीं बल्कि जमींदारी की संपत्ति है और उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत जमीन मिली थी। सितंबर में ट्रस्ट ने 1997 में तत्कालीन जिलाधिकारी के साथ हुए समझौते की प्रति भी दाखिल की थी।

वक्फ और विजिलेंस रिपोर्ट भी होगी आधार

सोमवार को एसीएम तृतीय की अदालत में करीब एक घंटे तक मामले की सुनवाई हुई। प्रशासन अब उपलब्ध पुराने दस्तावेजों के साथ वक्फ सचिव और विजिलेंस की जांच रिपोर्ट को भी आधार बनाकर अपना पक्ष रखेगा। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

ट्रस्ट ने किया अवैध कब्जे के आरोपों से इनकार

ट्रस्ट पहले ही प्रशासन की ओर से लगाए गए अवैध कब्जे के आरोपों को खारिज कर चुका है। उसका कहना है कि जमीन पर उसका कब्जा कानूनी प्रक्रिया के तहत है। वहीं प्रशासनिक रिकॉर्ड के आधार पर अधिकारियों का कहना है कि कलेक्ट्रेट की जमीन पर कब्जे का मामला गंभीर है और रिकॉर्ड के मुताबिक सरकारी भूमि को सुरक्षित करने की कार्रवाई की जा रही है।

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