काशीपुर: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की आपत्ति के बावजूद अपनी ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ जारी रखी। सोमवार को जसपुर से शुरू हुई यात्रा काशीपुर, रामनगर और कालाढूंगी होते हुए हल्द्वानी पहुंचने का कार्यक्रम है।
काशीपुर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हरीश रावत ने कहा कि जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोगों के बीच सक्रिय रहने और उनकी भावनाओं को समझने की अपील की। रावत ने कहा कि जनता के संकेत को समझते हुए बदलाव की गति तेज करनी होगी।
शैलजा ने यात्रा को लेकर जताई थी आपत्ति
इससे पहले कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने हरीश रावत को पत्र लिखकर यात्रा पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि यात्रा के संबंध में न तो उनसे और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से चर्चा की गई। शैलजा ने विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट होकर काम करने की जरूरत बताते हुए ऐसे समानांतर कार्यक्रम को पार्टी के हित में नहीं बताया था।
रावत ने हालांकि यात्रा रोकने से इनकार करते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि अब रुकना नहीं है और उत्तराखंड में बदलाव लाना है। उन्होंने यात्रा को जनता से संवाद और पार्टी को मजबूत करने की पहल के तौर पर पेश किया है।
काशीपुर में सरकार पर साधा निशाना
काशीपुर में रावत ने यात्रा के दौरान सामने आई व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उनकी यात्रा के कारण काशीपुर का फ्लाईओवर बंद किया गया और यात्रा मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू कराया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्थाओं से वह और कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। इन दावों पर सरकार की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 में प्रस्तावित हैं। ऐसे में रावत की यात्रा और पार्टी नेतृत्व की आपत्ति के बीच सामने आया मतभेद कांग्रेस के भीतर संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट संदेश देना जरूरी है, जबकि रावत अपनी यात्रा को जनता के बीच संवाद की पहल बता रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

