नकली नोटों की खेप से जुड़े मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद इस पूरे मामले में कई सवाल अनुत्तरित हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि नकली नोटों की खेप आखिर बैंक के चेस्ट तक कैसे पहुंची?
जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नकली नोटों के स्रोत, उन्हें तैयार करने वाले लोगों और सप्लाई नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।
मामले में बैंक के चेस्ट तक नकली नोटों के पहुंचने ने सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोट किस स्तर पर सिस्टम में शामिल हुए और उन्हें चेस्ट तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नकली नोटों की पूरी खेप का नेटवर्क कितना बड़ा था और चेस्ट तक इसे पहुंचाने में किसकी भूमिका रही।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

