‘जो मदारी बंदर…’, 37 साल के करियर में अनुपम खेर ने नहीं बोले ये दो शब्द, घमंड करने वाले एक्टर्स पर साधा निशाना
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार किरदार निभा चुके हैं। हाल ही में उन्होंने एक्टिंग और कलाकारों के रवैये को लेकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने उन कलाकारों पर तंज कसा, जो सफलता या लोकप्रियता मिलने के बाद अपने काम को लेकर घमंड करने लगते हैं।
अनुपम खेर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके लंबे करियर के दौरान उन्होंने खुद को लेकर एक खास तरह की सोच बनाए रखी। उन्होंने कलाकारों को सलाह देते हुए बताया कि अभिनय के क्षेत्र में सफलता मिलने के बावजूद जमीन से जुड़े रहना जरूरी है।
‘जो मदारी बंदर…’ वाली मिसाल से समझाया
अनुपम खेर ने अपनी बात समझाने के लिए ‘मदारी और बंदर’ की मिसाल का इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि कलाकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह जिस मंच पर प्रदर्शन कर रहा है, वहां दर्शकों और पूरे माहौल की भी अहम भूमिका होती है।
उन्होंने कलाकारों के बीच आने वाले अहंकार और आत्ममुग्धता पर भी टिप्पणी की। उनके मुताबिक, अभिनय के क्षेत्र में लगातार सीखते रहना और अपने काम के प्रति ईमानदार रहना किसी भी कलाकार के लिए महत्वपूर्ण है।
37 साल के करियर का अनुभव
अनुपम खेर ने फिल्म इंडस्ट्री में कई दशकों का समय बिताया है और इस दौरान अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाई हैं। अपने अनुभवों के आधार पर वह अक्सर युवा कलाकारों को अभिनय के साथ-साथ पेशेवर व्यवहार और विनम्रता का महत्व बताते नजर आते हैं।
उनकी हालिया टिप्पणी भी इसी संदर्भ में चर्चा में है। हालांकि, उन्होंने जिन कलाकारों या परिस्थितियों की ओर इशारा किया, उन्हें किसी खास व्यक्ति से जोड़ने से पहले उनके पूरे बयान का संदर्भ देखना जरूरी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

