मौसम विशेषज्ञों ने इस साल अलनीनो के प्रभाव के चलते मानसून के कमजोर रहने का अनुमान जताया था, लेकिन बारिश के आंकड़ों ने इन पूर्वानुमानों को काफी हद तक गलत साबित किया। वाराणसी समेत पूर्वांचल में इस मानसून सीजन सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वाराणसी में 1 जून से 30 सितंबर के बीच सामान्य बारिश 812.1 मिलीमीटर के मुकाबले 979.7 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक है।
सितंबर में भी जमकर बरसे बादल
वाराणसी में सितंबर महीने के दौरान भी बारिश सामान्य से काफी अधिक रही। इस महीने सामान्य तौर पर 197 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार 346.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यह सामान्य से करीब 76 प्रतिशत अधिक है। अगस्त में भी बारिश सामान्य से 83 प्रतिशत अधिक रही थी।
जून और जुलाई में रही बारिश की कमी
मानसून की शुरुआत हालांकि कमजोर रही। जून में वाराणसी में सामान्य 95.1 मिलीमीटर के मुकाबले महज 6.8 मिलीमीटर बारिश हुई। जुलाई में भी सामान्य 308 मिलीमीटर की तुलना में 178.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद अगस्त और सितंबर में हुई भारी बारिश ने शुरुआती कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया।
अब मानसून की विदाई की तैयारी
मानसून अब पूर्वांचल से विदाई की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वाराणसी से मानसून की वापसी 4 अक्टूबर तक हो सकती है। इसके बाद आसमान के साफ होने और तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।
पूरे उत्तर प्रदेश में भी मानसून के आंकड़े सामान्य से अधिक बारिश की तस्वीर दिखाते हैं। 1 जून से 30 सितंबर के बीच राज्य का औसत जिला-वार बारिश आंकड़ा सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक रहा, जबकि कई जिलों में बारिश सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज की गई।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

