आने वाले महीनों में दुनिया के सामने बड़ा खाद्य संकट! जयशंकर ने जताई चिंता, बताए ये कारण

5.2kViews
1365 Shares

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आने वाले महीनों में दुनिया के सामने बड़े खाद्य संकट की आशंका जताई है। न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यूक्रेन और ईरान-खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्षों का असर वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था और खासकर ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है।

जयशंकर के मुताबिक, इस समय ऊर्जा, खाद्य पदार्थ, उर्वरक और वित्त—चारों मोर्चों पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि दुनिया के कुछ प्रमुख अनाज निर्यातक देशों से शिपमेंट प्रभावित हो सकते हैं, खासकर ब्लैक सी क्षेत्र से होने वाली आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है।

उर्वरक की कमी भी बड़ी चिंता

विदेश मंत्री ने वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया और रूस जैसे महत्वपूर्ण उत्पादक क्षेत्रों में संघर्षों के कारण उर्वरक उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा बाजार में पहले से ही दबाव है। तेल की आपूर्ति और उससे जुड़ी भू-राजनीतिक परिस्थितियां इस दबाव को और बढ़ा सकती हैं। इसका असर विकासशील देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर अधिक पड़ने की आशंका है।

‘सुपर अल नीनो’ का भी खतरा

जयशंकर ने खाद्य संकट की आशंका के पीछे जलवायु संबंधी जोखिमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने संभावित ‘सुपर अल नीनो’ के प्रभाव को भी चिंता का कारण बताया। उनके अनुसार, यदि संघर्षों से प्रभावित अनाज और उर्वरक आपूर्ति के साथ जलवायु संबंधी दबाव भी जुड़ता है, तो आने वाले महीनों में खाद्य सुरक्षा की चुनौती गंभीर हो सकती है।

जयशंकर ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां ग्लोबल साउथ के देशों के लिए बेहद तनावपूर्ण हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बड़े देशों को अपने फैसलों के व्यापक वैश्विक प्रभावों को ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति में किसी भी बड़े व्यवधान का असर कई विकासशील देशों तक पहुंच सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *