अल नीनो के प्रभाव और बारिश में कमी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य को घटाकर 373.93 मिलियन टन कर दिया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने 2026-27 फसल वर्ष (जुलाई-जून) के लिए कुल खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 373.93 मिलियन टन निर्धारित किया है।
यह लक्ष्य पिछले वर्ष (2025-26) के 376.56 मिलियन टन के वास्तविक उत्पादन से 2.63 मिलियन टन कम है, हालांकि इस साल के लिए तय किया गया लक्ष्य, 2025-26 फसल वर्ष के लिए तय 362 मिलियन टन के लक्ष्य से भी ज्यादा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि यह निर्णय अल नीनो की स्थिति के वैज्ञानिक आकलन, जल उपलब्धता और मिट्टी की नमी को ध्यान में रखकर लिया गया है। जिन क्षेत्रों में कम बारिश हुई है या जलाशयों का जलस्तर कम है, वहां पानी की अधिक खपत वाली फसलों के बजाय दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
खरीफ सीजन के दौरान देश में लगभग 12 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। पांच राज्यों में सूखे की स्थिति और केंद्र का राहत-आकलन का कदम सरकार ने स्वीकार किया है कि खरीफ सीजन में सूखे जैसे हालातों के कारण कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों (रायसीना आदि), तेलंगाना और राजस्थान के कुछ हिस्से प्रभावित हुए हैं।
कर्नाटक और महाराष्ट्र ने केंद्रीय टीमों के दौरे का अनुरोध किया है, और केंद्र सरकार स्थिति से निपटने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके अलावा, सरकार किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों का लाभ दिलाने के लिए एक बड़ा जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है।
इसके तहत किसानों को भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए), शून्य आयात शुल्क वाले बाजारों, गुणवत्ता मानकों और विदेशों में मांग वाली फसलों की जानकारी दी जाएगी ताकि किसान वैश्विक अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

