प्रयागराज में अवैध कफ सीरप सिंडिकेट का खुलासा, करछना की फर्म के नाम पर दिल्ली से मंगाई जा रही थी खेप
प्रयागराज में कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप की सप्लाई से जुड़े एक कथित सिंडिकेट का एसटीएफ ने खुलासा किया है। जांच के दौरान सामने आया कि दिल्ली से कफ सीरप मंगाने के लिए करछना क्षेत्र की एक फर्म के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा था। मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है और करीब एक करोड़ रुपये की कफ सीरप बरामद होने की बात सामने आई है।
एसटीएफ के मुताबिक, एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में एक गोदाम में अवैध कफ सीरप का भंडारण किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ कार्रवाई करते हुए गोदाम पर छापा मारा। यहां से करीब 80 पेटी कफ सीरप बरामद की गई।
करछना की फर्म के नाम पर दिल्ली से मंगाई जाती थी खेप
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित कथित तौर पर भीरपुर, करछना निवासी एक व्यक्ति की फर्म के नाम पर दिल्ली से कफ सीरप मंगवाता था। पुलिस पूछताछ में प्रयागराज और आसपास के जिलों में इसकी सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने प्रयागराज और वाराणसी की फर्मों के नाम से फर्जी बिल्टी के जरिए खेप मंगाने की बात बताई है। जांच एजेंसियां अब दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
लीडर रोड के दवा कारोबारियों के नाम भी जांच के दायरे में
पूछताछ के दौरान लीडर रोड क्षेत्र के कुछ थोक दवा कारोबारियों के कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आने की बात रिपोर्ट में कही गई है। हालांकि, इन कारोबारियों की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
एसटीएफ गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध कफ सीरप की खरीद और सप्लाई में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
बैच नंबर से छेड़छाड़ का भी आरोप
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि कफ सीरप की शीशियों के बैच नंबर मिटाकर उन्हें आगे सप्लाई किया जाता था। पुलिस अब बरामद सामान, दस्तावेजों और पूछताछ से मिले तथ्यों को जोड़कर नेटवर्क की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
फिलहाल मामले में गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

