‘स्पीकर साहब इस्तीफा दें, कुर्सी छोड़ें’, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बीजेपी का हंगामा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के मौजूदा सत्र में राज्य के पूर्ण दर्जे की बहाली को लेकर सियासी टकराव देखने को मिला। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद बीजेपी सदस्यों ने सदन में जोरदार विरोध किया और नारेबाजी की।
बीजेपी का कहना है कि वह जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली के पक्ष में है, लेकिन प्रस्ताव में वर्ष 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव और वर्ष 2024 के विशेष दर्जे से जुड़े प्रस्तावों के संदर्भ पर उसे आपत्ति है। पार्टी ने कहा है कि राज्यhood पर चर्चा हो सकती है, लेकिन अनुच्छेद 370 या स्वायत्तता से जुड़े मुद्दों को इसमें शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
सदन में नारेबाजी और हंगामा
प्रस्ताव पेश होने के दौरान बीजेपी विधायक अपनी सीटों से उठकर विरोध करने लगे और सदन के वेल में पहुंच गए। इस दौरान नारेबाजी हुई और प्रस्ताव की प्रतियां फाड़े जाने की भी रिपोर्ट सामने आई। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदस्यों से शांत रहने और कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा।
विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मौजूदा छठा सत्र 21 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित है। सदन में बीजेपी के 29 सदस्य हैं, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के 41 सदस्य हैं।
राज्यhood प्रस्ताव पर जारी है बहस
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रस्ताव में केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग की है। वहीं, बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा है कि पार्टी राज्यhood की बहाली के पक्ष में है, लेकिन स्वायत्तता और विशेष दर्जे से जुड़े संदर्भों को स्वीकार नहीं करेगी।
इस मुद्दे पर विधानसभा में आगे की चर्चा के दौरान भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने की संभावना है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

